Home Top News अब खत्म होगा US-ईरान युद्ध! न्यूयॉर्क में ईरानी विदेश मंत्री ने पेश किया होर्मुज खोलने का प्लान

अब खत्म होगा US-ईरान युद्ध! न्यूयॉर्क में ईरानी विदेश मंत्री ने पेश किया होर्मुज खोलने का प्लान

by Neha Singh 25 September 2026, 8:40 AM IST
25 September 2026, 8:40 AM IST
Abbas Araghchi Plan

Abbas Araghchi Plan: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (UNGA) की 81वीं मीटिंग में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क गए हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अरागची ने युद्ध शांत करने और होर्मुज को खोलने के लिए एक सात-दिवसीय प्लान पेश किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्लान में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पूरी बातचीत शुरू करने की भी बात होगी. अरागची ने बताया कि यह प्रपोजल इस साल जून में US और ईरान के बीच हुए MoU जैसा ही है.

इलेक्शन से पहले हो सकती है डील

मीडिया रिपोर्ट में मुताबिक, उन्होंने कहा “हमने बिचौलियों के जरिए अमेरिका को एक प्लान दिया है कि अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट सातवें दिन के आखिर में खुल जाएगा और बातचीत फिर से शुरू हो जाएगी… बेहतर होगा, अगर U.S. के मिडटर्म इलेक्शन से पहले कोई डील हो जाए.” इससे पहले, जर्मनी विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल के साथ अपनी मीटिंग में, अराघची ने जोर देकर कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिकी पक्ष को डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी सही शर्तें और जरूरतें बता दी हैं. इलाके में सुरक्षा बहाल करने के लिए ईरान के खिलाफ अमेरिकी दखलंदाजी और आक्रामक कार्रवाइयों को खत्म करना जरूरी है.

यूरोपीय देशों की आलोचना

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने शांतिपूर्ण न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाने के ईरान के कमिटमेंट पर जोर दिया, और कहा कि कोई भी पार्टी बातचीत में ईरान की अच्छी नीयत को नजरअंदाज नहीं कर सकती. साथ ही बातचीत के बीच में ईरान के खिलाफ US और इजराइली मिलिट्री हमले को भी नजरअंदाज नहीं कर सकती. अराघची ने जर्मनी समेत यूरोपीय देशों की भी आलोचना की, जिन्होंने US के इंटरनेशनल कानून के उल्लंघन और धमकियों को नजरअंदाज किया. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय विकास पर तेहरान की राय बताई और जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र में भरोसा बहाल करने के लिए सभी देशों को UN चार्टर और इंटरनेशनल कानून के सिद्धांतों और मकसदों का पालन करना होगा.

‘डील फेल होने के लिए US जिम्मेदार’

इस बीच एक इंटरव्यू में, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस साल जून में दोनों पक्षों के बीच हुए बातचीत के समझौते को लागू न कर पाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी पक्ष को दोषी ठहराया. “हम आपके राष्ट्रपति के साथ एक एग्रीमेंट पर पहुंचे थे, उस एग्रीमेंट पर साइन हो गए थे और उसके आधार पर, हम आगे बढ़ने को तैयार है. हमने होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं किया था, यह बिना किसी कानूनी वजह या फ्रेमवर्क के खुला था…उन्होंने हम पर हमला किया. उन्होंने हमारे सम्मानित सुप्रीम लीडर की हत्या की और उन्हें शहीद कर दिया. समस्या यह है कि अमेरिका बातचीत करने के बजाय पहले हम पर बमबारी करके, हर रास्ता रोककर मैदान में उतर आया है. हम तैयार हैं.”

ईरानी दावे ने गेंद पूरी तरह से डोनाल्ड ट्रंप के पाले में डाल दी है. जबकि ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी देने की बयानबाजी की है. वह जानते हैं कि सात महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका एक समझौता होगा.

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News Source: ANI

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