Home Top News दादागिरी और ताकत की राजनीति के खिलाफ चीन और इंडोनेशिया हुए एकजुट, रक्षा पर बनी सहमति

दादागिरी और ताकत की राजनीति के खिलाफ चीन और इंडोनेशिया हुए एकजुट, रक्षा पर बनी सहमति

by Sanjay Kumar Srivastava 21 August 2026, 3:49 PM IST (Updated 21 August 2026, 4:23 PM IST)
21 August 2026, 3:49 PM IST (Updated 21 August 2026, 4:23 PM IST)
एकतरफा दादागिरी और ताकत की राजनीति के खिलाफ चीन और इंडोनेशिया हुए एकजुट, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर बनी सहमति

Indonesia-China Relations: वैश्विक तनाव के बीच इंडोनेशिया और चीन ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है. दोनों देश रक्षा सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं. इंडोनेशिया और चीन के बड़े मंत्रियों ने शुक्रवार को जकार्ता में हुई बैठकों के दौरान दोनों एशियाई देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने और खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने पर चर्चा की. इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने कहा कि उनका मकसद यह निश्चित करना है कि राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, समुद्री और लोगों के बीच संबंध में प्रगति हो.

विकासशील देशों के हितों की होगी रक्षा

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि इंडोनेशिया और चीन विकास व सुरक्षा से जुड़ी अपनी मुख्य प्राथमिकताओं पर बेहतर तालमेल बैठाने पर भी सहमत हुए, ताकि दोनों देशों के आधुनिकीकरण के लिए मज़बूत सुरक्षा उपाय किए जा सकें. वांग ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि हम मिलकर एकतरफा दादागिरी और ताकत की राजनीति का विरोध करेंगे. हमें इस क्षेत्र में उन कोशिशों के प्रति भी सतर्क रहना होगा जो द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत के नतीजों को चुनौती देती हैं. कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय के साथ-साथ विकासशील देशों के जायज़ अधिकारों और हितों की रक्षा करनी चाहिए. सुगियोनो ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मज़बूती को सहारा देने वाले उद्योगों के विकास के ज़रिए खाद्य, ऊर्जा और खनिज सुरक्षा को मज़बूत करने पर चर्चा की. भविष्य में इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कम्युनिकेशन सैटेलाइट का संयुक्त विकास और अन्य एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पहल जैसे क्षेत्र शामिल होंगे.

दोनों देशों के बीच बढ़ेंगे व्यापार

संयुक्त बयान में सुगियोनो ने कहा कि हम व्यापार को आसान बनाने पर भी सहमत हुए, जिसमें बाज़ार की खोज और इंडोनेशिया के प्रमुख उत्पादों के लिए बाज़ार तक पहुंच का विस्तार शामिल है. वांग ने कहा कि उनकी नई द्विपक्षीय बातचीत दुनिया को हमारे दोनों बड़े उभरते बाज़ार वाले देशों के बीच एकजुटता और सहयोग का एक साफ़ संदेश देगी. इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री सज़ाफ़्री सजाम्सुद्दीन और उनके चीनी समकक्ष डोंग जून ने अलग-अलग मुलाक़ात की और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. इसमें साजो-सामान में सहयोग, कर्मियों की क्षमता बढ़ाना और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को मज़बूत करना शामिल था. सजाम्सुद्दीन ने कहा कि हम चीनी सेना को संयुक्त अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए भी आमंत्रित करते हैं, जैसे कि ‘हेपिंग गरुड़’ अभ्यास. यह इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सेना और चीनी सेना के बीच संबंधों का एक ठोस उदाहरण है.

चीन बना सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

हाल के वर्षों में चीन के साथ इंडोनेशिया के आर्थिक संबंध काफ़ी बढ़े हैं और 2025 में ये लगभग 167 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गए हैं. चीन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है. चीन ने जकार्ता-बांडुंग हाईस्पीड रेलवे और दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट (सिराटा) जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अरबों का निवेश किया है. सिराटा प्रोजेक्ट राजधानी जकार्ता से 130 किलोमीटर दूर वेस्ट जावा में एक जलाशय पर बना है. इन प्रोजेक्ट्स की कीमत और समय को लेकर कुछ मतभेद भी सामने आए हैं. हालांकि, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खास ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के तहत इन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है, जिसका मकसद पूरे क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है.

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News Source: PTI

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