Stock Market Closing: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को तेजी की रफ्तार थमती नजर आई. गुरुवार की शानदार वापसी के बाद शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट बंद हुए. महंगा कच्चा तेल, अमेरिका के कमजोर बाजार और बढ़ती US ट्रेजरी यील्ड ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया. ऐसे माहौल में बाजार में बड़ी खरीदारी के बजाय निवेशकों ने संभलकर कदम बढ़ाना बेहतर समझा. दिनभर बाजार एक सीमित दायरे में घूमता रहा. कभी हरे निशान में चमका तो कभी हल्की गिरावट की तरफ फिसला. आखिरकार कारोबार खत्म होने पर बाजार ने मामूली बढ़त के साथ दिन का अंत किया.
सेंसेक्स का हाल
30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स शुक्रवार को सिर्फ 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 77,725.67 का ऊपरी स्तर और 77,445.86 का निचला स्तर छुआ. यानी पूरे दिन में करीब 280 अंकों के दायरे में इसकी आवाजाही रही. दूसरी तरफ, NSE निफ्टी भी हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ. 50 शेयरों वाला निफ्टी 20.15 अंक यानी 0.08 फीसदी चढ़कर 24,252 पर पहुंचा. यानी बाजार ने गुरुवार की तेजी को पूरी तरह गंवाया नहीं. हालांकि, शुक्रवार को निवेशकों में जोरदार खरीदारी का उत्साह भी नजर नहीं आया.
क्यों सुस्त पड़ा बाजार?
बाजार की चाल पर सबसे बड़ा असर महंगे कच्चे तेल का रहा. कच्चा तेल करीब 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. मिडिल ईस्ट तनाव के बीच तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में तेल महंगा होने पर देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है. वहीं, एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने एनर्जी मार्केट में प्रेशर बढ़ाया है. जब तक ये तनाव कम नहीं होता, कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलेगी.
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US ट्रेजरी यील्ड ने भी बढ़ाई चिंता
बाजार के लिए दूसरी चिंता अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का फिर बढ़ना रहा. US ट्रेजरी की तरफ से बॉन्ड बायबैक के बावजूद निवेशकों को बाजार में राहत नहीं मिली. ऊंची बॉन्ड यील्ड का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है. इससे सुरक्षित निवेश लोगों को अपनी तरफ खींचते हैं.
चमके पावर ग्रिड और BEL
शुक्रवार को सेंसेक्स के कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा दिया.पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे. वहीं ट्रेंट, मारुति, इंटरग्लोब एविएशन और HCL टेक दबाव में रहे. इससे साफ है कि बाजार में पूरी तरह बिकवाली का माहौल नहीं था.
जारी है बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs पर भी बाजार की नज़र है. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 583.36 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची थी. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार की तेजी पर ब्रेक लगाने वाला एक अहम फैक्टर बन सकती है. कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबार यह बताता है कि बाजार में तेजी की उम्मीद तो बनी हुई है, लेकिन महंगा तेल खुलकर दांव लगाने से रोक रहे हैं.
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News Source: PTI
