Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अब भी चरम पर बना हुआ है. युद्ध समाप्त करने को लेकर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. दोनों देश लगातार ड्रोन और मिसाइलों से एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर बड़े हमलों को दो सप्ताह के लिए रोक दिया था. इसी बीच खबर सामने आई है कि यूक्रेन ने शुक्रवार तड़के रूस के समारा क्षेत्र में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया. इसके साथ ही रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों में आया दो सप्ताह का विराम खत्म हो गया है. यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया. बताया जा रहा है कि 30 अक्टूबर की रात संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई थी.
रूस की सरकारी तेल कंपनी पर हमला
वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो फुटेज में रिफाइनरियों के ऊपर आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे जा सकते हैं. माना जा रहा है कि इस हमले के साथ ही यूक्रेन ने रूसी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं, जबकि अक्टूबर के मध्य से इन हमलों पर एक अनौपचारिक रोक लगी हुई थी. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने 29 अक्टूबर को रिपोर्ट दी थी कि ट्रम्प प्रशासन के दबाव की वजह से लंबी दूरी के हमले करने वाली यूक्रेनी सैन्य इकाइयों ने रूसी रिफाइनरियों पर हमले अनौपचारिक रूप से रोक दिए थे. इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया था कि रूसी तेल सुविधाओं पर हमलों में आया यह विराम आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद तक जारी रहने की उम्मीद थी. यूक्रेनी मीडिया के अनुसार, नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी रूस की सरकारी तेल कंपनी ‘रोसनेफ्ट’ के स्वामित्व में है. यह रिफाइनरी लगभग 8.8 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल को संसाधित करती है और इससे विमान ईंधन, गैसोलीन, डीजल, लुब्रिकेंट और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं.

यूरोपीय संघ से जेलेंस्की ने मांगा समर्थन
इससे पहले भी यूक्रेन कई बार रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना चुका है, जिसमें अगस्त 2026 का हमला भी शामिल है. यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर एक अभियान चला रहा है. इसका उद्देश्य मास्को की सेना तक ईंधन की आपूर्ति में बाधा डालना और रूस को मिलने वाले राजस्व को कम करना है. ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defences) को मजबूत करने के लिए यूरोपीय संघ से अधिक समर्थन की मांग की है. हाल ही में रूस के हमलों में पूरे देश में 19 लोगों की मौत हो गई और 71 अन्य घायल हो गए, जिनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा को धन्यवाद दिया. कोस्टा ने इन हमलों के बाद यूक्रेन के प्रति एकजुटता व्यक्त की थी. इन हमलों में निप्रो (Dnipro) में एक रेलवे स्टेशन और चेर्निहाइव (Chernihiv) तथा क्रेमेनचुक (Kremenchuk) के आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया था. जेलेंस्की ने कहा कि एंटोनियो, संवेदना जताने के लिए धन्यवाद. आज रूस ने बेहद क्रूर हमले किए, जिनमें 19 लोगों की जान चली गई. इसमें 11 बच्चों समेत 71 लोग भी घायल हुए हैं. घायलों में से दर्जनों लोग अभी अस्पतालों में हैं. हमारे चिकित्साकर्मी उनका इलाज कर रहे हैं और लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.

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कूटनीतिक प्रयास को कमजोर कर रहा
उन्होंने मास्को पर आरोप लगाया कि वह संघर्ष को कम करने और लड़ाई खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का लगातार मिलना बहुत जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि रूस एक बार फिर दिखा रहा है कि संघर्ष को कम करने के प्रयासों को लेकर उसका असली रवैया क्या है? यूक्रेन, अमेरिका, यूरोप और दुनिया भर के हमारे अन्य साझेदार इस युद्ध को खत्म करने और हत्याओं को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, रूस का रुख कुछ और ही है. जेलेंस्की ने यूरोपीय संघ (EU) और उसके सदस्य देशों से मिलने वाली मदद के महत्व पर जोर दिया. यह तब और भी अहम हो जाता है जब यूक्रेन सर्दियों के महीनों के लिए तैयारी कर रहा है, क्योंकि इस दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले और भी बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकते हैं.

रूस द्वारा क्रूर हमले को एक नई कड़ी बताया
दूसरी ओर कोस्टा ने इन हमलों की निंदा की और दोहराया कि यूरोपीय संघ कीव का समर्थन करने और मास्को पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. ‘X’ पर एक पोस्ट में यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष ने इन हमलों को ‘यूक्रेन में नागरिकों के खिलाफ रूस द्वारा किए गए एक और क्रूर और विनाशकारी हमलों की श्रृंखला’ बताया. उन्होंने निप्रो रेलवे स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले और चेर्निहाइव तथा क्रेमेनचुक के रिहायशी इलाकों में हुए हमलों के बाद ज़ेलेंस्की और यूक्रेन के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. कोस्टा ने कहा कि यूरोपीय संघ रूस पर दबाव बढ़ाता रहेगा और यूक्रेन का समर्थन करता रहेगा, जब तक कि एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती. हम अपने सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी ऐसा ही करने की अपील करते हैं. इससे पहले जेलेंस्की ने बताया था कि निप्रो रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है.

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वहीं, चेर्निहाइव में 15 साल की दो लड़कियों की मौत हो गई और क्रेमेनचुक में रूस के ‘शहेद’ ड्रोन के एक अपार्टमेंट बिल्डिंग से टकराने के कारण तीन लोगों की जान चली गई. उन्होंने इन हमलों को नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर की गई कार्रवाई बताया और रूस पर और अधिक अंतरराष्ट्रीय दबाव डालने की मांग की. उन्होंने यूरोपीय संघ, अमेरिका और G7 देशों से मास्को के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने का आग्रह किया. ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब अमेरिकी फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने घोषणा की है कि ओलेशकी के आगे रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम तय समय से दो दिन पहले ही लागू हो गया है. इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा करना और संघर्ष से प्रभावित इलाके में जरूरी मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद करना है.
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नागरिकों पर बताया भयानक हमला
बता दें कि जेलेंस्की ने रूस द्वारा निप्रो रेलवे स्टेशन को निशाना बनाए जाने को नागरिकों पर हुआ एक भयानक हमला बताया था. हमले के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं. पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ने मास्को पर वित्तीय दबाव कम करने वाले हालिया अंतरराष्ट्रीय कदमों पर सवाल उठाए. जेलेंस्की ने लिखा कि निप्रो में रेलवे स्टेशन पर रूस का एक भयानक हमला हुआ है. रूसियों ने एक ऐसे प्लेटफॉर्म पर ड्रोन से हमला किया, जहां एक लोकल ट्रेन और एक यात्री ट्रेन खड़ी थीं. इस घटना में मारे गए 14 लोगों को मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. 10 और लोग घायल हुए हैं. सभी जरूरी आपातकालीन सेवाएं मौके पर काम कर रही हैं.
मेलानिया ट्रंप की घोषणा के बाद हुए हमले
ये हमले ऐसा वक्त में हुआ जब अमेरिकी फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने घोषणा की है कि रूस और यूक्रेन के बीच ओलेशकी (Oleshky) के आगे भी युद्धविराम लागू हो गया है. यह युद्धविराम तय समय से दो दिन पहले ही लागू कर दिया गया है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा करना और संघर्ष से प्रभावित इलाकों में जरूरी मानवीय सहायता पहुंचाना है. मानवीय सहायता काफिलों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए खेरसॉन क्षेत्र में ओलेशकी से आगे तक युद्धविराम का दायरा बढ़ा दिया गया है. रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के संयुक्त प्रमुख, जनरल वालेरी वासिलीविच ने इसकी पुष्टि की है.
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