Restricted Tourist Places: भारत में घूमने के लिए जगहों की कमी नहीं है. कहीं बर्फ से ढके पहाड़ हैं, कहीं समुद्र की लहरें, तो कहीं घने जंगल और खूबसूरत आइलैंड. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जो देखने में काफी शानदार हैं, मगर आम टूरिस्टों के लिए वहां जाना आसान नहीं है. इतना ही नहीं, इनमें से कई जगहों पर जाना पूरी तरह से बैन है. इन जगहों पर पाबंदी के पीछे सुरक्षा, पर्यावरण और स्थानीय आदिवासी समुदायों की रक्षा जैसी वजह हैं. यानी यहां घूमने की इच्छा से ज्यादा जरूरी नियमों का सम्मान करना है.
बैरन आइलैंड, अंडमान-निकोबार
समुद्र के बीच मौजूद बैरन आइलैंड भारत का एकमात्र एक्टिव ज्वालामुखी है. यही वजह है कि ये जगह लोगों को काफी रोमांचक लगती है. हालांकि, टूरिस्ट नाव से इस ज्वालामुखी को दूर से देख सकते हैं. मगर आइलैंड पर उतरने की अनुमति नहीं है. सुरक्षा कारणों से यहां लैंडिंग पर रोक लगाई गई है. यानी नजारा देखिए, लेकिन किनारे तक पहुंचने की कोशिश मत कीजिए.
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड
अंडमान-निकोबार का नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड दुनिया के सबसे अलग-थलग रहने वाले आदिवासी समुदायों में से एक, सेंटिनलीज़, का घर है. यहां बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक है. इस नियम का मकसद आदिवासी समुदाय को बाहरी बीमारियों, संक्रमण और अनचाहे हस्तक्षेप से बचाना है. इसलिए ये जगह भले ही रहस्य से भरी लगे, लेकिन टूरिस्टों के लिए यहां जाने का कोई ऑप्शन नहीं है.
सियाचिन ग्लेशियर, लद्दाख
बर्फ से ढका सियाचिन ग्लेशियर दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्रों में गिना जाता है. यहां का बेस कैंप कुछ रूल्स के साथ टूरिस्टों के लिए खोला गया है. हालांकि, ग्लेशियर के सैन्य क्षेत्र में आम लोगों की एंट्री नहीं होती. संवेदनशील इलाकों में जाने के लिए खास परमिशन और सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है.
चाय के बागानों से जंगल सफारी तक, East India की इन 10 जगहों पर आएगा घूमने का असली और पूरा मजा
निकोबार ट्राइबल रिजर्व
निकोबार आइलैंड के कई हिस्से आदिवासी समुदायों की सुरक्षा के लिए संरक्षित हैं. इन इलाकों में जाने के लिए ट्राइबल पास या सरकारी परमिशन की जरूरत होती है. विदेशी नागरिकों के लिए भी इन जगह में एंट्री नहीं है.
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, मुंबई
मुंबई के ट्रॉम्बे में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर यानी BARC देश के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्रों में से एक है. जाहिर है, ये कोई नॉर्मल टूरिस्ट प्लेस नहीं है. यहां सिर्फ वहां काम करने वाले लोग और विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को ही एंट्री मिलती है. आम टूरिस्ट यहां घूमने नहीं जा सकते.
इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, तमिलनाडु
तमिलनाडु के कल्पक्कम में इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च यानी IGCAR भी आम लोगों के लिए खुला नहीं है. परमाणु अनुसंधान से जुड़ी संवेदनशील गतिविधियों की वजह से यहां आम लोगों को एंट्री नहीं मिलती.
नंदा देवी इनर सैंक्चुअरी, उत्तराखंड
हिमालय की खूबसूरती के लिए मशहूर नंदा देवी क्षेत्र भी हर किसी के लिए खुला नहीं है. नंदा देवी नेशनल पार्क के कुछ हिस्सों में सीमित रूप से घूमने की अनुमति है, लेकिन इनर सैंक्चुअरी में आम टूरिस्टों की एंट्री नहीं होती. यहां जाने के लिए खास परमिशन जरूरी है.
