Women’s Reservation : केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण और परिसीमन बिल लाने की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को NCP-शरद पवार गुट के सभी आठ सांसदों से मुलाकात की है. महाराष्ट्र की सियासत में इस मुलाकात ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है.
एक तस्वीर ने न केवल महाराष्ट्र की सियासत गर्म कर दी है बल्कि केंद्र में भी अटकलों का बाार गर्म है. सोमवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत एनसीपी पवार गुट के 8 सांसदो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की.
8 सांसदों से मुलाकात के बाद सियासत हुई तेज
इससे पहले 22 जुलाई को भी शरद पवार और सुप्रिया सुले प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर चुके हैं. ऐसे में लगातार हो रही इन मुलाकातों को लेकर सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं. खास तौर पर तब, जब केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर संसद में व्यापक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, सुप्रिया सुले की मुलाकात को महाराष्ट्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताया और FCRA बिल पर सरकार के विरोध का रुख भी साफ किया.
तलाशे जा रहे हैं राजनीतिक मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NCP-SP के सांसदों की मुलाकात भले ही विकास के मुद्दों पर हुई हो, लेकिन महाराष्ट्र की सियासत में इसके राजनीतिक मायने तलाशे जा रहे है. कुछ ही दिनों के भीतर पवार खेमे की प्रधानमंत्री से ये दूसरी अहम मुलाकात है. दरअसल, इस वक्त संसद में कई अहम विधेयकों को लेकर सियासी हलचल तेज है. केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर समर्थन जुटाने की कोशिश में है. बीजेपी अपने सहयोगी दलों के साथ-साथ दूसरे दलों से भी संवाद बढ़ा रही है. इसी कड़ी में NCP-SP सांसदों की पीएम मोदी से मुलाकात को भी देखा जा रहा है. हालांकि शिवसेना इस मुलाकात पर खुलकर बोलने से परहेज कर रही है.
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केंद्र के लिए सबसे बड़ा मुद्दा परिसीमन
सबसे बड़ा सवाल परिसीमन को लेकर है. लेकिन अब सवाल है कि क्या शरद पवार की पार्टी परिसीमन के मुद्दे पर सरकार का समर्थन कर सकती है? क्योंकि परिसीमन का सीधा असर राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है. महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य के लिए भी ये मुद्दा राजनीतिक तौर पर बेहद अहम है. हालांकि, अभी तक NCP-SP ने परिसीमन विधेयक के समर्थन को लेकर कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है. सुप्रिया सुले की तरफ से मुलाकात की वजह को लेकर सफाई दी गई है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात महाराष्ट्र की विकास योजनाओं और राज्य से जुड़े मुद्दों को लेकर हुई. साथ ही उन्होंने FCRA संशोधन विधेयक पर पार्टी का रुख भी साफ कर दिया है. एक तरफ सरकार से संवाद तो दूसरी तरफ FCRA पर विरोध भी कर रही है. ऐसे में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे है. क्या ये सिर्फ विकास के मुद्दों तक सीमित संवाद है या फिर संसद में सरकार को अहम विधेयकों पर समर्थन जुटाने की कवायद का हिस्सा?
शिंदे गुट के भी 7 सांसद शामिल हुए
इससे पहले प्रधानमंत्री ने शिवसेना (शिंदे) के सांसदों से मुलाकात की थी. इस बैठक में शिवसेना (शिंदे गुट) के 7 सांसद शामिल हुए. वहीं, एनसीपीआई के 20 और एनसीपी (अजित पवार) के सांसद इस मीटिंग का हिस्सा बने थे. उपेंद्र कुशवाहा समेत करीब 45 सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नाश्ते पर बैठक की. इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने अपने निवास पर एनसीपीई के 20 सांसदों से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की यह मुलाकात महिला आरक्षण और परिसीमन बिल के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
शरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद अब पार्टी के सभी सांसदों की पीएम से मुलाकात ने सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं. क्या परिसीमन पर सरकार और पवार खेमे के बीच सहमति बन सकती है? अगर ऐसा है तो एनडीए लोकसभा में ब दो तिहाई बहुमत के बेहद करीब पहुंच गई.
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