Delhi Protest: देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं. विपक्षी दल एकजुट होकर CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार चुनाव आयोग की मदद से चुनावों में बीजेपी को फायदा पहुंचाती है. उनका कहना है कि चुनाव से पहले चुनाव आयोग बीजेपी की सरकार बनवाने में मदद करता है, जबकि चुनाव जीतने के बाद केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त का समर्थन करती है.
वहीं, प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर उनके साथ दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए हैं. इस बीच, नई दिल्ली के एडिशनल डीसीपी मंजीत श्योराण ने शुक्रवार को पत्रकारों से प्रदर्शनकारियों से कुछ दूरी बनाए रखते हुए प्रदर्शन कवर करने की अपील की. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडियाकर्मी प्रदर्शनकारियों के बीच आकर पुलिस के काम में बाधा डालते हैं.
प्रदर्शनकारियों से बनाए दूरी
मंजीत श्योराण ने आरोप लगाया कि कुछ मीडियाकर्मी प्रदर्शनों में शामिल हो जाते हैं और पुलिस के काम में बाधा डालते हैं. श्योराण ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी एक दिन पत्रकार बनते हैं और दूसरे दिन प्रदर्शनकारी बन जाते हैं. हम उनसे लगातार अपील करते हैं कि वे प्रदर्शनकारियों से थोड़ी बनाए रखें और दूर से ही कवरेज करें. लेकिन फिर भी वे बीच में आ जाते हैं और हमारे काम में रुकावट भी डालने का काम करते हैं.
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पुलिस पर बदसलूकी का आरोप
पत्रकारिता की भूमिका को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक्स पर कहा कि जर्नलिज्म की समाज में अपनी भूमिका होती है. इसको दबाया नहीं जा सकता है. इससे पहले 4 अक्टूबर को खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज की थी कि दिल्ली पुलिस ने उनका यौन शोषण किया. उन्होंने आरोप लगाया कि 3 अक्टूबर को ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ बदसलूकी की. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.
डीसीपी ने कही ये बात
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर बताया कि 3 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की स्थिति में तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. नई दिल्ली जिले को उनकी शिकायतें मिली हैं. दूसरी ओर, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) नेहा यादव ने कहा कि शाम करीब 6 बजे खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने शिकयत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ बदसलूकी की.
NHRC ने पाया है कि अगर समाचार रिपोर्ट की बातें सच हैं, तो ये मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे हैं. इसकी वजह से आयोग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
News Source: ANI
