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बाबा अमरनाथ के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, 3 जुलाई से 57 दिवसीय यात्रा का शुभारंभ

by Amit Dubey 1 July 2026, 1:53 PM IST (Updated 1 July 2026, 1:54 PM IST)
1 July 2026, 1:53 PM IST (Updated 1 July 2026, 1:54 PM IST)
Amarnath Yatra

Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा हिंदू तीर्थस्थलों की पवित्र यात्राओं में से एक है. हर साल की भांति इस साल भी जम्मू कश्मीर में हिमालय की गोद में करीब 3880 मीटर ऊंच्चाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की पवित्र यात्रा की शुरुआत हो रही है.

इसके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार, आज बुधवार से अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो चुकी है. इसके लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु निर्धारित रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाकर अपना-अपना रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं. आइए जानते हैं इस यात्रा से जुड़ी खास जानकारी.

चार लाख यात्री करा चुके हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 3880 मीटर ऊंची अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिवसीय तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरु हो रही है. यह यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन अधिक खड़ी ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बाल्टल मार्ग से शुरू होने वाली है. इस यात्रा के लिए लगभग चार लाख तीर्थयात्रियों ने पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है, वहीं अब ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत हो चुकी है.

जम्मू में इन जगहों पर रजिस्ट्रेशन काउंटर

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार रात भर हुई बारिश के बाद जम्मू में मौसम सुहावना हो गया है. हालांकि, ये बारिश तीर्थयात्रियों के उत्साह को जरा भी कम नहीं कर पाई, जो यात्रा के लिए अपने पास प्राप्त करने के लिए तड़के से ही पंजीकरण केंद्रों के बाहर कतार में खड़े थे.

टोकन धारकों के लिए मौके पर पंजीकरण बुधवार सुबह से शुरू हो गया, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों से जम्मू पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए लगातार दूसरे दिन टोकन वितरण जारी रहा.

जम्मू की कृत्रिम झील, गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर के पास तवी नदी के किनारे रजिस्ट्रेशन और टोकन बांटने के लिए काउंटर स्थापित किए गए हैं. तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को गुरुवार तड़के भगवती नगर बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा.

रुद्र के बिना कुछ नहीं होता- किशन

अपने सिर और छाती को ढकने वाले रुद्राक्ष पर विभिन्न देशों के सिक्के जड़े हुए, किशन ने कहा कि उनकी पोशाक भगवान शिव में उनकी अटूट आस्था को दर्शाती है. किशन ने पीटीआई को बताया, “रुद्र के बिना कुछ नहीं होता,” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने 14 वर्षों तक मौन व्रत रखा था और 2006 से गुफा में आते रहे हैं. उन्होंने रुद्राक्ष को आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत बताया और कहा कि वे इस उम्मीद से मंदिर में आए हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री बनें.

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सुचारू रूप से हो- अधिकारी

संभागीय आयुक्त रमेश कुमार, उपायुक्त राकेश मिन्हास और एसएसपी जोगिंदर सिंह सहित वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने और भीड़ प्रबंधन उपायों की समीक्षा करने के लिए पंजीकरण काउंटरों का दौरा किया.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से बातचीत भी की और संबंधित व्यक्तियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सुचारू रूप से हो, टोकन का वितरण व्यवस्थित तरीके से हो और पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध हों.

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News Source: PTI

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