Home Top News ‘मेरे देश में क्या हो रहा है..? SC में CJP प्रदर्शन से पहले पाबंदियों पर बोले सिब्बल; कही ये बात

‘मेरे देश में क्या हो रहा है..? SC में CJP प्रदर्शन से पहले पाबंदियों पर बोले सिब्बल; कही ये बात

by Sachin Kumar 9 October 2026, 3:28 PM IST
9 October 2026, 3:28 PM IST
Sibal asks Plea SC against curbs ahead CJP protest

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. प्रदर्शन के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि दिल्ली मेट्रो के करीब 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का फैसला लिया गया है. उधर, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले CJP के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसी बीच दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई और मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेरे देश में क्या हो रहा है?

दिल्ली में की जा रही सख्ती

सीपीएम के महासचिव एमए बॉबी की ओर से पेश हुए सिब्बल ने दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के रद्द होने, मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, इंटरनेट पर रोक और होटल बुकिंग पर पाबंदियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने अदालत से मामले पर तुरंत सुनवाई करने का आग्रह करते हुए पूछा कि मेरे देश में क्या हो रहा है? यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है. इसे कैसे होने दिया जा सकता है? उन्होंने आगे कहा कि कल सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और निजामु्द्दीन जाने वाली ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. हावड़ा, शालीमार और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. सिब्बल ने आगे कहा कि ट्रेनें, मेट्रो, उबर, OYO होटल, स्टेडियम समेत हर जगह 10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में सख्ती की जा रही है.

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न्यायिक जांच होनी चाहिए

वहीं, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की बेंच ने पूछा कि याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख क्यों नहीं किया? इस पर सिब्बल ने बताया कि इंडियन यूथ कांग्रेस की ऐसी ही एक याचिका वहां लंबित है, लेकिन उसकी सुनवाई सोमवार तक टाल दी गई है. जस्टिस बागची ने बार-बार विरोध प्रदर्शन के आयोजक की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि बिना अनुमति के प्रस्तावित सभा गैर-कानूनी हो सकती है. पीठ ने संकेत दिया कि किसी भी हस्तक्षेप में अलग-अलग हितों का ध्यान रखना होगा, जिसमें सभा को रोकने की संभावना भी शामिल है. दूसरी तरफ सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी और गोपाल शंकरनारायणन ने तर्क दिया कि इतने बड़े पैमाने पर उठाए गए कदमों की न्यायिक जांच होनी चाहिए. सिंघवी ने 221 CAPF कंपनियों की तैनाती, 10 डिटेंशन सेंटर की तैयारी, ट्रेन सेवाओं पर रोक और पुलिस के दूसरे कदमों का जिक्र किया.

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की इजाजत

शंकरनारायण ने कहा कि सरकार सिर्फ इसलिए पूरा शहर बंद नहीं कर सकती है क्योंकि वह प्रदर्शनकारियों को संभाल नहीं पा रही है. वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी, जबकि इंडियन यूथ कांग्रेस ने तय जगह पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी. उन्होंने तर्क दिया कि भारी बैरिकेडिंग से प्रस्तावित प्रदर्शन बेअसर हो सकता है. सीजेआई ने सुझाव दिया कि दिल्ली पुलिस हाई कोर्ट से शुक्रवार को तीन बजे इस मामले की सुनवाई करने के लिए इजाजत के लिए कहा जा सकता है.

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News Source: ANI

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