Jharkhand Exam Protest: झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया. छह प्रदर्शनकारी अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं. रविवार को छात्रों और सरकारी पैनल के बीच बातचीत हुई. सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि छात्रों की आधी से ज्यादा मांगों को मान लिया गया है, लेकिन CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर अभी सहमति नहीं बनी है. इसको लेकर आज छात्रों ने विधानसभा मार्च निकाला.
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर धरना दिया. इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है.
बाबूलाल मरांडी समेत हिरासत में कई भाजपा नेता
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेताओं ने सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.
पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख आदित्य साहू और पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में हुए धरने में प्रदर्शनकारी नारे लगाते और “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो” और “जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश करो” जैसी मांगों वाले पोस्टर लिए हुए देखे गए.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि साहू और मरांडी समेत कई भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया है.

सरकार में सीबीआई जांच की सिफारिश का साहस नहीं- आदित्य साहू
वहीं, दूसरी ओर, भाजपा की झारखंड इकाई के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का कहना है कि वह और कई अन्य नेता सुबह 7 बजे से नजरबंद हैं.
झारखंड सरकार ने कहा कि उसने विरोध प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की 98 प्रतिशत मांगों को मान लिया है, हालांकि आंदोलनकारियों ने दावा किया कि यह सच नहीं है. इसने 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने पर सहमति जताई है, जेपीएससी परीक्षा में कथित वित्तीय अनियमितताओं की ईडी जांच का प्रस्ताव रखा है और एक फास्ट-ट्रैक अदालत की घोषणा की है जो 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करेगी.
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गरीब छात्रों की नौकरियां बेच रही है और कहा कि प्रदर्शनकारियों को न्याय तभी मिलेगा जब सीबीआई अनियमितताओं की जांच करेगी. उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार में सीबीआई जांच की सिफारिश करने का साहस नहीं है, क्योंकि वे सत्ता के सुखों का आनंद लेना चाहते हैं.” भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सीआईडी की जांच सिर्फ दिखावा है और युवाओं को राज्य की इस एजेंसी पर भरोसा नहीं है.
मालूम हो कि जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में ईडी जांच शुरू
वहीं, ताजा जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में कई भर्ती परीक्षाओं, विशेष रूप से जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के संचालन में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने राज्य पुलिस की सीआईडी की एफआईआर और कुछ अन्य शिकायतों का संज्ञान लेते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की है.
राज्य में छात्र भर्ती परीक्षाओं, विशेष रूप से जेएसएससी-सीजीएल (झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा) में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और आज इस आंदोलन का 17वां दिन है.
रांची: आज विधानसभा कूच करेंगे छात्र, रोकने के लिए रास्ते में लगाए गए बैरिकेड, पुलिस बल तैनात
News Source: PTI
