Chandigarh Firing: चंडीगढ़ के सेक्टर-42 में शनिवार को संपत्ति विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब कोर्ट के आदेश पर फ्लैट का कब्जा लेने पहुंची एक महिला को गोली मार दी गई. चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरी घटना उस समय हुई, जब कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद थी.
आरोप है कि फ्लैट पर कब्जा किए वकील ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से महिला पर फायरिंग कर दी. गोली महिला के चेहरे पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. उसे तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है. घायल महिला की पहचान राजिंदर कौर के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, राजिंदर कौर कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-42 स्थित फ्लैट का कब्जा लेने पहुंची थीं. कब्जा दिलाने की कार्रवाई के लिए पुलिस की टीम भी उनके साथ मौजूद थी ताकि अदालत के आदेश का शांतिपूर्ण तरीके से पालन कराया जा सके.
कहासुनी के बाद वकील ने मारी गोली
बताया जाता है कि संबंधित फ्लैट पर वकील जेपीएस चड्ढा का कब्जा था. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की मौजूदगी में फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हुई. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. आरोप है कि कहासुनी के बाद जेपीएस चड्ढा ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक निकाली और राजिंदर कौर पर फायरिंग कर दी. गोली सीधे महिला के चेहरे पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं. घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस समय फायरिंग हुई, उस वक्त पुलिस टीम मौके पर मौजूद थी. इसके बावजूद आरोपी हथियार निकालकर गोली चलाने में सफल रहा. अब यह जांच का विषय है कि आरोपी के पास हथियार कैसे मौजूद था और पुलिस उसे समय रहते रोक क्यों नहीं सकी. घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया. घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया और मौके से सबूत जुटाए गए. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके.
लंबे समय से चल रहा था संपत्ति विवाद
जानकारी के अनुसार, फ्लैट को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था. अदालत ने मामले में फैसला देते हुए कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए थे. इसी आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी. लेकिन कार्रवाई के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और मामला खूनी संघर्ष में बदल गया. कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन कराने के दौरान इस तरह की हिंसा बेहद गंभीर मामला है. यदि आरोप सही साबित होते हैं तो आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है. साथ ही लाइसेंसी हथियार के इस्तेमाल की भी अलग से जांच की जाएगी.
जांच में जुटी पुलिस
चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगा रही है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई, क्या घटना पूर्व नियोजित थी और मौके पर मौजूद लोगों की क्या भूमिका रही. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई. सेक्टर-42 की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अदालत के आदेशों को लागू कराने के दौरान सुरक्षा इंतजाम कितने प्रभावी हैं. पुलिस की मौजूदगी में दिनदहाड़े महिला को गोली मारने की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपी के खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है.
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