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RG Kar Rape-Murder Case: ‘न्याय दिलाने के लिए…’, मुख्यमंत्री शुभेंदु ने नए सिरे से जांच के दिए आदेश

by Amit Dubey 10 August 2026, 8:09 AM IST (Updated 10 August 2026, 11:24 AM IST)
10 August 2026, 8:09 AM IST (Updated 10 August 2026, 11:24 AM IST)
RG Kar Rape-Murder Case

RG Kar Murder and Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को राज्य के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 2024 में हुई डॉक्टर की रेप और हत्या की घटना की नई सिरे से जांच का ऐलान किया है. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.

सीएम अधिकारी ने कहा कि सरकार ने यह फैसला मृत डॉक्टर की मां के अनुरोध पर लिया है, जो अब पानीहाटी से बीजेपी विधायक हैं. उन्होंने कहा, “रत्ना देबनाथ ने मुझे पत्र लिखकर नई जांच का अनुरोध किया था. मुख्य सचिव और विशेषज्ञों की टीम के साथ लंबी बातचीत के बाद, मैं स्पेशल कमीशन एक्ट, 1952 के तहत नई जांच की घोषणा कर रहा हूं.”

जल्दबाजी में अंतिम संस्कार हुआ- सीएम

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पुलिस (तब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी थीं.) इस मामले में अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रही. उन्होंने पीड़िता के अंतिम संस्कार में हुई कथित गड़बड़ियों की अलग से जांच के आदेश भी दिए और बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया.

उन्होंने दावा किया कि पीड़िता का शव, जो शुरू में नटागढ़ कदमतला श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाइन में तीसरे नंबर पर था, उसे अचानक पहले नंबर पर कर दिया गया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार पूरा कर दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार ने अंतिम संस्कार का तय शुल्क नहीं दिया और किसी करीबी रिश्तेदार के जरूरी हस्ताक्षर भी नहीं लिए गए. अधिकारी ने आरोप लगाया, “निर्मल घोष, सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी ने मिलकर यह सब किया.”

न्याय दिलाने के लिए आखिर तक लड़ेंगे- मुख्यमंत्री

पानीहाटी में पीड़िता के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य पुलिस अंतिम संस्कार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी क्योंकि यह मामला CBI की चल रही जांच के दायरे में नहीं आता है.

उन्होंने कहा, “हम ‘अभया’ को भूले नहीं हैं. राज्य की जनता ने हमें उसके न्याय के लिए लड़ने का जनादेश दिया है. प्रशासनिक शक्तियों की सीमाओं के बावजूद, मैं फिर कहता हूं, मैं प्रतिबद्ध हूं, मैं प्रतिबद्ध हूं, मैं प्रतिबद्ध हूं. हम अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए आखिर तक लड़ेंगे.”

यह घटना आज भी दुख देती है- सीएम अधिकारी

9 अगस्त 2024 को याद करते हुए, जिस दिन डॉक्टर का शव मिला था, अधिकारी ने कहा कि यह घटना आज भी दुख और पीड़ा देती है. उन्होंने कहा, “जब भी हम इस दिन को याद करते हैं, तो हमें बहुत दुख होता है. हमारा दिल दर्द से भर जाता है और आंखों से आंसू बहने लगते हैं. किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि एक सभ्य समाज में, भारत की एक सुरक्षित जगह पर ऐसी बर्बर घटना हो सकती है.”

सीएम अधिकारी ने यह भी याद दिलाया कि अगले साल इस मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई में पीड़िता की मां घायल हो गई थीं.

उन्होंने दावा किया, “रत्ना देबनाथ के सिर पर पुलिस की लाठी लगते देख मैं हैरान रह गया. उनके सिर पर इतनी बुरी तरह सूजन आ गई थी कि मैं दंग रह गया. और भी हैरानी की बात यह थी कि उन्हें भर्ती नहीं होने दिया गया और अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में ही छोड़ दिया गया.”

उन्होंने आगे कहा, “मैं यह सब भूला नहीं हूं. जो कुछ भी जरूरी है, मैं वह कर रहा हूं और करता रहूंगा. मुझे इस मामले को अंजाम तक पहुंचाना ही है.” अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की याद में राज्य भर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और हेल्थ सेंटरों में सुबह 11 बजे से दो मिनट का मौन रखा गया.

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News Source: PTI

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