Home Latest News & Updates श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का ‘डिजिटल कवच’, AI और ड्रोन की निगरानी में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का ‘डिजिटल कवच’, AI और ड्रोन की निगरानी में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

by Neha Singh 29 June 2026, 6:52 PM IST
29 June 2026, 6:52 PM IST
अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra Security: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है. जम्मू नगर निगम द्वारा स्थापित अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) यात्रा सुरक्षा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां से यात्रा मार्ग, बेस कैंप, संवेदनशील स्थानों और जम्मू शहर की गतिविधियों पर 24 घंटे डिजिटल निगरानी रखी जा रही है. 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है.

AI एनालिटिक्स और ड्रोन से रखी जाएगी नजर

कमांड सेंटर में करीब 600 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड एकीकृत की गई है. इसके साथ ही एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स, फेस रिकग्निशन तकनीक, ड्रोन निगरानी और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट भेजा जा सकता है. यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए आधुनिक संचार नेटवर्क तैयार किया गया है.

आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था

कंट्रोल सेंटर को ट्रैफिक प्रबंधन, मेडिकल सेवाओं और आपदा प्रबंधन प्रणाली से भी जोड़ा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. जम्मू नगर निगम के अधिकारी अंकुश कपूर ने बताया कि यात्रा के दौरान करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु जम्मू पहुंचते हैं. ऐसे में शहर के प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बेस कैंप और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे 600 कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाती है. उन्होंने कहा कि नगर निगम और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर कैमरों की सहायता से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखते हैं.

सुरक्षित और सुव्यवस्थित होगी यात्रा

अधिकारी ने बताया कि यदि कोई श्रद्धालु रास्ता भटक जाता है या उसे किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है तो कंट्रोल सेंटर कैमरों के माध्यम से उसकी मदद भी करता है. इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई भी यहीं से की जाती है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय के चलते इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रभावी निगरानी व्यवस्था के साथ संपन्न कराई जाएगी.

बता दें, यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी और रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को समाप्त होगी. अमरनाथ यात्रा से पहले वरिष्ठ अधिकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और तीर्थयात्रियों की व्यवस्था की समीक्षा की, जो कश्मीर घाटी की ओर जाने वाले हजारों भक्तों के लिए प्रमुख मार्ग है.

रविंदर कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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