Diljit Dosanjh on CJP: पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हालांकि, इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म या गाना नहीं, बल्कि पॉलिटिक्स को लेकर दिया गया उनका साफ और बेबाक बयान है. दरअसल, जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के प्रदर्शन को लेकर जब एक फैंस ने उनसे सवाल किया, तो दिलजीत ने बेहद ही शांत अंदाज में अपना बात रखी. उन्होंने क्लियर कर दिया कि वो खुद को इस पूरी कंट्रोवर्सी से दूर रखना चाहते हैं.
दिलजीत का लाइव सेशन
बुधवार शाम दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर लाइव सेशन किया. उन्होंने अपने फैंस के कई सवालों के जवाब दिए. बातचीत के दौरान एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या वो नीट पेपर लीक मामले और पेपर में गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे? इस सवाल पर दिलजीत ने साफ-साफ बात की. उन्होंने कहा, मुझे इन सब चीजों से दूर ही रखो भाई. मैं एक कलाकार हूं. मैं कोई नेता या राजनेता नहीं हूं. पता नहीं लोग मुझे क्या समझते हैं.
सिंगर का मैसेज
इसके बाद दिलजीत ने गुरु ग्रंथ साहिब की एक फेमस लाइन का जिक्र किया, नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधारा. इसके जरिए उन्होंने ये मैसेज देने की कोशिश की कि दुनिया में हर इंसान किसी न किसी परेशानी से गुजर रहा है. सच्चा सुकून सिर्फ भगवान का सहारा लेने से मिलता है. इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में हर चीज कभी भी पूरी तरह सही नहीं हो सकती. हर किसी की अपनी-अपनी सोच और अपनी-अपनी लड़ाई होती है. इसी वजह से उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी शुभकामनाएं दीं. साथ ही जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई देते हुए कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है. इसलिए वो इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहते. दिलजीत ने कहा कि, मेरा काम लोगों का मनोरंजन करना है और वो इस काम में खुश हैं.
किसानों का सपोर्ट
हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब दिलजीत का नाम किसी सोशल या पॉलिटिकल मुद्दे को लेकर चर्चा में है. साल 2020 में किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने खुलकर किसानों का सपोर्ट किया था. उस टाइम उनके बयान और सोशल मीडिया पोस्ट काफी वायरल हुए थे. बाद में सेंट्रल गवर्नमेंट ने उन कृषि कानूनों को वापस ले लिया था, जिनके खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे थे.
CJP का विरोध
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन शुरू किया हुआ है. उनकी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है. उनका आरोप है कि नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. इसके अलावा संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि उनका आंदोलन सिर्फ शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले टाइम में चुनावी प्रक्रिया, SIR और बाकी अहम मुद्दों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया जाएगा. खैर, फिलहाल दिलजीत दोसांझ का CJP को लेकर बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. किसी ने उनके जवाब की तारीफ की, तो कुछ लोग इसे उनकी सोच बता रहे हैं.
News Source: PTI
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