Ram Mandir Donation Case: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में गबन और हेरा फेरी मामले में आय दिन एक से बढ़कर एक खुलासे हो रहे हैं. बीते महीने चढ़ावा मामले में गड़बड़ी का खुलासा होने पर ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट ने राज्य सरकार से निवेदन कर एसआईटी से जांच की मांग की थी. प्रदेश की योगी सरकार ने एसआईटी का गठन कर पहले 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश जारी किया था. जब जांच में मामला परत दर परत खुलता गया तो राज्य सरकार ने एसआईटी टीम को आगे की और भी विस्तृत जांच के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दे दिया. प्रदेश सरकार के आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चंदा मामले की जांच कर रही एसआईटी को रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है.
इस मामले में जांच टीम को कई सुराग हाथ लगे हैं. इतना ही नहीं 8 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है. इसके अलावा सोने, चांदी, डॉलर और करीब 80 लाख रुपये कैश में बरामद (रिकवर) किए गए हैं.
आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को नोटिस
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने राम मंदिर के चंदे में हेराफेरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को उनके नाम पर कथित तौर पर अवैध रूप से घर बनाने के मामले में नोटिस जारी किया है.
पुलिस ने इस कथित गबन मामले में अपनी जांच तेज कर दी है. यह जानकारी गुरुवार को आधिकारिक और पुलिस सूत्रों ने दी. एडीए सूत्रों के अनुसार, निर्माणाधीन मकान सोहावल तहसील के बनवीरपुर ,सकगांव में स्थित है. जमीन लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई थी और विकास प्राधिकरण से अनिवार्य मंजूरी लिए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने बुधवार को लवकुश मिश्रा के आवास की तलाशी भी ली और चल रही जांच के तहत उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की. पुलिस सूत्रों ने संकेत दिया है कि जांचकर्ता आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को और सख्त कर सकते हैं, जिसके पास से इस मामले में अब तक सबसे अधिक नकदी बरामद की गई है.
गिरफ्तार 8 लोगों के घरों पर पुलिस ने छापा मारा
बीते दिनों पुलिस ने गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों के घरों पर छापेमारी भी की थी. पुलिस टीमों ने स्थानीय मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव सहित आरोपियों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया.
बता दें कि आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टीनू यादव राम मंदिर में दान के रूप में प्राप्त नकदी और कीमती सामान की गिनती से जुड़े हैं.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांचकर्ताओं ने अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं. यह मामला भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है जो चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति प्राप्त करने और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी है.
सोना, चांदी, डॉलर के साथ कैश भी बरामद
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने बुधवार 1 जून को लवकुश मिश्रा के आवास की तलाशी भी ली और चल रही जांच के तहत उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जांच के दौरान बरामद नकदी में अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू से 1 लाख रुपये शामिल हैं.
पुलिस ने जांच के दौरान करीब 11 ग्राम सोना, लगभग 375 ग्राम चांदी और 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए हैं.
25 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
मालूम हो कि अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन का मामला 7 जून को सामने आया था. उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई. मंदिर की दान-काउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है.
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT को जांच के लिए मिले और 15 दिन, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
News Source: PTI
