Aamir Khan Best Productions: बॉलीवुड में कई बड़े स्टार्स हैं जिन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया. हालांकि, बहुत कम लोग ऐसे हैं जो प्रोड्यूसर के तौर पर उतने ही सक्सेसफुल रहे जितने एक्टर के रोल में रहें. आमिर खान उन कुछ स्टार्स में शामिल हैं जिनकी फिल्मों की क्वालिटी, एक्सपेरिमेंट और दमदार कंटेंट लोगों को बार-बार पसंद आया. साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘लगान’ के साथ आमिर खान ने प्रोडक्शन की दुनिया में अपनी जर्नी शुरू की थी. उस टाइम शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ये फिल्म इंडियन सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी. इसके बाद आमिर खान प्रोडक्शंस ने एक के बाद एक ऐसी फिल्में दीं, जिन्होंने एंटरटेनमेंट के साथ-साथ सोशल मैसे, रिलेशनशिप, एजुकेशन, वुमन राइट्स और स्पोर्ट्स जैसे सब्जेक्ट्स को सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया. हालांकि, पिछले कुछ सालों में इस बैनर की कुछ फिल्में फैंस की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं. लेकिन इसके बावजूद आमिर खान प्रोडक्शंस का सफर काफी खास रहा. ऐसे में आज हम आपके लिए आमिर खान प्रोडक्शन की टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट लेकर आए हैं.
धोबी घाट (2011)
आमिर खान की दूसरी एक्स वाइफ किरण राव के डायरेक्शन में बनी ‘धोबी घाट’ एक ऐसी फिल्म थी जो आम बॉलीवुड फिल्मों से बिल्कुल अलग थी. यहां न कोई बड़ा ड्रामा था और न ही मसाला. इस फिल्म ने ऑडियन्स को मुंबई की गलियों, सपनों, स्ट्रगल और अकेलेपन से मिलवाया. फिल्म चार अलग-अलग लोगों की लाइफ के जरिए ये दिखाती है कि कैसे बड़े शहर लाखों कहानियों को अपने अंदर समेटे रहता है. आमिर खान ने इस फिल्म में छोटा मगर काफी खास रोल निभाया है. वो ऐसे कैरेक्टर में हैं, जो एक पुराने घर में रहने आता है. वहां उसे कुछ वीडियो टेप्स मिलती हैं. इन टेप्स के जरिए एक महिला की लाइफ की परतें खुलती हैं. धोबी घाट उन फिल्मों में से है जो धीरे-धीरे ऑडियन्स पर असर छोड़ती हैं.

तलाश (2012)
साल 2012 में आमिर खान, रानी मुखर्जी और करीना कपूर की फिल्म ‘तलाश’ रिलीज हुई थी. उस टाइम ऑडियन्स ने इसे एक थ्रिलर फिल्म की तरह देखा. मगर ये सिर्फ एक सस्पेंस स्टोरी नहीं थी. फिल्म के अंदर एक टूटे हुए परिवार का दर्द और इमोशनल स्ट्रगल भी छिपा था. आमिर खान ने इंस्पेक्टर सूरजन सिंह शेखावत का रोल निभाया, जो एक केस की जांच कर रहे होते हैं. इसी इन्वेस्टिगेशन में उसके अपने दर्द भी सामने आते हैं. वो और उनकी पत्नी अपने बेटे की मौत के सदमे से उबर नहीं पाए हैं. करीना कपूर, रानी मुखर्जी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने काम से इस फिल्म को और मजबूत बनाया. फिल्म का सस्पेंस ऑडियन्स को लास्ट तक बांधे रखता है. आज भी तलाश को हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन सस्पेंस फिल्मों में गिना जाता है.
डेली बेली (2011)
डेली बेली अपने टाइम की सबसे अलग फिल्मों में से एक थी. ये वो दौर था जब बॉलीवुड में इस तरह की बोल्ड कॉमेडी कम देखने को मिलती थी. इमरान खान, वीर दास और कुणाल रॉय कपूर की तिकड़ी ने फिल्म में एंटरटेनमेंट का जबरदस्त तड़का लगाया. फिल्म की कहानी गलतफहमियों, क्रिमिनल्स और अजीब सिचुएशन्स के आस-पास घूमती है. फिल्म के डायलॉग, कैरेक्टर और गाने यंगस्टर्स के बीच खूब फेमस हुए. खासकर ‘भाग डी.के. बोस’ जैसे गानों ने खूब लाइमलाइट लूटी.
सीक्रेट सुपरस्टार (2017)
हर बच्चे के अंदर कोई न कोई सपना छिपा होता है. सीक्रेट सुपरस्टार उसी सपने को पहचानने और उसे पूरा करने की कहानी है. फिल्म एक यंग लड़की की कहानी है, जो सिंगर बनना चाहती है लेकिन उसकी फैमिली, खासकर उसके पिता, लड़की के सपनों के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट हैं. जायरा वसीम ने इस फिल्म में लीड रोल प्ले किया है. वहीं मेहर विज और राज अर्जुन ने जायरा के मम्मी-पापा का कैरेक्टर निभाया है. ये फिल्म महिलाओं की फ्रीडम, कॉन्फिडेंस और अपने सपनों के लिए स्ट्रगल करने का मैसेज देती है. ये सिर्फ एक म्यूजिकल ड्रामा नहीं बल्कि इंस्पायरिंग स्टोरी है.

जाने तू… या जाने ना (2008)
रोमांटिक फिल्मों की भीड़ में जाने तू… या जाने ना ने अपनी अलग पहचान बनाई. फिल्म दो दोस्तों जय और अदिति की कहानी है, जिन्हें लगता है कि वो सिर्फ अच्छे दोस्त हैं. लेकिन जब दोनों एक-दूसरे से दूर होने लगते हैं, तब उन्हें अपने प्यार का एहसास होता है. इमरान खान और जेनेलिया डिसूजा की फ्रेश जोड़ी ने ऑडियन्स के दिलों में घर कर लिया. ए.आर. रहमान का म्यूज़िक इस फिल्म की जान बना. ‘कभी कभी अदिति’, ‘कहीं तो होगी वो’ और ‘पप्पू कान्ट डांस साला’ जैसे गाने आज भी लोगों की फेवरेट प्लेलिस्ट में शामिल हैं. ये फिल्म यंगस्टर्स के बीच आज भी उतनी ही पॉपुलर है जितनी रिलीज के टाइम थी.
2026 की 5 सबसे धमाकेदार Action Thriller फिल्में, जिन्हें मिस करना होगी बड़ी गलती
पीपली लाइव (2010)
पीपली लाइव इंडियन सिनेमा की सबसे अलग फिल्मों में से एक मानी जाती है. फिल्म एक गरीब किसान की कहानी है, जो पैसों की तंगी से परेशान है. उसके आसपास के लोग राय देते हैं कि अगर वो आत्महत्या कर ले तो उसकी फैमिली को सरकारी मुआवजा मिल सकता है. यहीं से कहानी एक बड़े मज़ाक में बदल जाती है. मीडिया, पॉलिटिक्स और सरकार सभी इस मुद्दे को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने लगते हैं. फिल्म ने किसानों की प्रोब्लम , मीडिया की टीआरपी की भूख और पॉलिटिक्स पर वार किया है. ये फिल्म ऑडियन्स को हंसाती भी है और सोचने पर मजबूर भी करती है.
दंगल (2016)
जब आमिर खान की दंगल रिलीज हुई तो उसने सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं बल्कि लोगों के दिलों पर भी कब्जा कर लिया था. महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता और बबीता फोगाट की रीयल स्टोरी पर बेस्ट ये फिल्म स्ट्रगल, मेहनत और सपनों की ताकत को दिखाती है. आमिर खान ने महावीर सिंह फोगाट के रोल के लिए अपनी बॉडी में भी बदलाव किया. उनकी मेहनत पर्दे पर साफ नज़र आई. फिल्म का सबसे स्ट्रॉन्ग पहलू ये है कि इसमें फीमेल एम्पावरमेंट को शानदार तरीके से दिखाया गया है. ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के?’ जैसे डायलॉग आज भी अक्सर लोगों की जुबान पर होते हैं. इस फिल्म में सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि चाइना में भी जबरदस्त कमाई की थी.

लापता लेडीज़ (2024)
किरण राव के डायरेक्शन में बनी लापता लेडीज़ हाल के सालों की सबसे ज्यादा पसंद की गई फिल्मों में से एक है. फिल्म की कहानी दो नई दुल्हनों के गलती से बदल जाने से शुरू होती है. लेकिन धीरे-धीरे ये उन लड़कियों की पहचान, फ्रीडम और सोसाइटी में उनकी हालत पर सीरियस सवाल उठाती है. फिल्म की सबसे बड़ी खूबी ये है कि ये किसी भाषण की तरह नहीं लगती. ह्यूमर, इमोशन्स और एंटरटेनमेंट के जरिए ये लोगों तक अपना मैसेज पहुंचाती है. प्रतिभा रांटा, नितांशी गोयल और स्पर्श श्रीवास्तव ने इस फिल्म में बेहतरीन काम किया है. वहीं, रवि किशन ने भी अपने कैरेक्टर से फैंस का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
तारे जमीन पर (2007)
अगर आमिर खान प्रोडक्शंस की सबसे इमोशनल फिल्मों की बात की जाए तो तारे जमीन पर का नाम सबसे पहले आएगा. फिल्म ईशान नाम के एक बच्चे की कहानी है, जो डिस्लेक्सिया नाम की प्रोब्लम झेल रहा होता है. फैमिली और स्कूल वाले उसकी परेशानी को समझ नहीं पाते. फिर ईशान की लाइफ में एक आर्ट टीचर की एंट्री होती है, जो उसके टैलेंट को पहचानता है. दर्शील सफारी की एक्टिंग ने इस फिल्म में चार चांद लगाने का काम किया.
फिल्म ने लाखों माता-पिता को ये समझाया कि हर बच्चा अलग होता है. यही वजह है कि तारे जमीन पर आज भी लोगों की आंखें नम कर देती है.
लगान (2001)
आमिर खान प्रोडक्शंस की सबसे बड़ी फिल्म है लगान. ब्रिटिश शासन के दौर पर बेस्ड इस फिल्म में एक गांव के किसान अंग्रेजों के खिलाफ क्रिकेट मैच खेलकर अपना लगान माफ कराने के चैलेंज को एक्सेप्ट करते हैं. जब ये फिल्म बनी थी तब पीरियड ड्रामा और क्रिकेट दोनों को बॉक्स ऑफिस के लिए रिस्की माना जाता था. मगर डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर और प्रोड्यूसर आमिर खान ने इस चैलेंज को मौके में बदल दिया. फिल्म का हर कैरेक्टर यादगार बन गया. भुवन, गौरी, कप्तान रसेल और गांव की पूरी टीम ऑडियन्स के दिलों में बस गई. ए.आर. रहमान का म्यूज़िक, जावेद अख्तर के गाने और शानदार कहानी ने इसे क्लासिक बना दिया. फिल्म को ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला और इसने इंडियन सिनेमा की इंटरनेशनल पहचान को मजबूत किया. आज भी जब भारतीय सिनेमा की बड़ी और शानदार फिल्मों की बात होती है तो लगान का नाम जरूर लिया जाता है.

आमिर खान प्रोडक्शंस की ताकत
इन 25 सालों में आमिर खान प्रोडक्शंस ने ये साबित किया कि अच्छी कहानी सबसे बड़ी स्टार होती है. इस बैनर ने कभी सिर्फ बड़े बजट या स्टार पावर पर भरोसा नहीं किया. इसके बजाय ऐसी कहानियों को चुना गया जो लोगों के दिलों को छू सकें. यही वजह है कि इस बैनर की फिल्मों में एंटरटेनमेंट के साथ-साथ सोशल मैसेज भी मिलता है. इन फिल्मों ने लोगों को हंसाया, रुलाया, इंस्पायर किया और फिर सोचने पर भी मजबूर किया.
Manoj Bajpayee भी नहीं बचा पाए Governor! दमदार कहानी का वादा, लेकिन रिजल्ट निकला एकदम फीका
