Home मनोरंजन चाय बेचने से लेकर 4,000 करोड़ की रामायण बनाने तक, ‘रॉकी भाई’ ऐसे बने सुपरस्टार यश

चाय बेचने से लेकर 4,000 करोड़ की रामायण बनाने तक, ‘रॉकी भाई’ ऐसे बने सुपरस्टार यश

by Preeti Pal 14 August 2026, 1:02 PM IST
14 August 2026, 1:02 PM IST
चाय बेचने से लेकर 4,000 करोड़ की रामायण बनाने तक, 'रॉकी भाई' ऐसे बने सुपरस्टार यश

Yash Success Story: सिनेमा की चमक-दमक देखकर अक्सर लगता है कि बड़े स्टार्स की जिंदगी शुरू से ही शानदार रही होगी. लेकिन असली कहानी पर्दे के पीछे होती है. कन्नड़ सुपरस्टार यश की जिंदगी भी ऐसी ही है. आज यश के नाम के साथ करोड़ों का बजट, बड़े प्रोजेक्ट और ग्लोबल स्टारडम जुड़ा है. वो इस साल दो बहुत बड़ी फिल्मों में नजर आने वाले हैं. पहली है गीतू मोहनदास की ‘टॉक्सिक’ और दूसरी है नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’. हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि, इस मुकाम तक पहुंचने से पहले यश ने थिएटर के पीछे चाय तक बेची है. तब वो हर दिन सिर्फ 50 रुपये कमाते थे.

घर छोड़कर पहुंचे बेंगलुरु

यश का असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है. उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ. उनके पिता अरुण कुमार बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी BMTC में बस ड्राइवर थे. यश की मां पुष्पा गृहिणी थीं. यश के मन में बचपन से ही एक्टर बनने का सपना था. सिर्फ 16 साल की उम्र में वो करीब 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े और बेंगलुरु पहुंच गए. उनके दिमाग में एक ही चीज़ थी कि, एक दिन बड़ा स्टार बनना है. हालांकि, यश के माता-पिता ने उन्हें सपने देखने की आजादी दी, लेकिन साथ में एक शर्त भी रखी थी. अगर एक्टिंग में करियर नहीं बना तो, उन्हें वापस आकर वही करना होगा जो परिवार कहेगा. यश ने इस चुनौती को स्वीकार किया. यहां से शुरू हुई उनकी असली परीक्षा.

50 रुपये में बेचते थे चाय

बेंगलुरु पहुंचकर यश को एकदम से हीरो के रोल नहीं मिले. उन्होंने थिएटर का रास्ता चुना. बीवी कारनाथ की बेनका थिएटर मंडली से जुड़कर उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखीं. संघर्ष के दिनों में वो थिएटर के पीछे चाय भी पिलाते थे और इसके लिए उन्हें हर दिन सिर्फ 50 रुपये मिलते थे. इतना ही नहीं, फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए उन्होंने एक कन्नड़ फिल्ममेकर के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया. यानी आज जिस यश की फिल्मों के पोस्टर पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, उसी कलाकार ने कभी कैमरे के पीछे छोटे-छोटे काम करके अपनी शुरुआत की थी.

टीवी से शुरू हुआ सफर

यश ने साल 2004 में कन्नड़ टेलीविजन सीरियल ‘उत्तरायण’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ‘नंदा गोकुला’ ने उन्हें टीवी की दुनिया में मशहूर कर दिया. फिर साल 2007 में उन्होंने फिल्म ‘जंबाडा हुडुगी’ से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया. इसके बाद ‘मोग्गिना मनसु’, ‘गुगली’ और ‘मिस्टर और मिसेज़ रामाचारी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा में एक मजबूत पहचान दिलाई. लेकिन अभी वो मुकाम दूर था, जहां यश का नाम देशभर में गूंजने वाला था.

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‘रॉकी भाई’ का दौर

साल 2018 यश के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. प्रशांत नील की ‘KGF: चैप्चर 1’ रिलीज हुई और यश रातोंरात पैन-इंडिया स्टार बन गए. फिल्म ने दुनियाभर में 250 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया. लेकिन सिर्फ कमाई ही इसकी खासियत नहीं थी. यश का रफ लुक, लंबी दाढ़ी, दमदार चाल और रॉकी भाई का बेखौफ अंदाज दर्शकों के दिलों में बस गया. इसके बाद साल 2022 में ‘KGF’ ने कहानी को और बड़ा कर दिया. फिल्म ने दुनियाभर में 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. इस फिल्म की सफलता ने यश को पैन-इंडिया स्टार बना दिया.

स्टारडम मिला, लेकिन जड़ें नहीं भूले

यश सफलता मिलने के बाद अपने पुराने दिनों भूले नहीं. साल 2017 में उन्होंने अपनी पत्नी और एक्ट्रेस राधिका पंडित के साथ यशो मार्ग फ़ाउंडेशन की शुरुआत की. इस पहल के जरिए सामाजिक और जनकल्याण से जुड़े काम किए जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में यश की नेटवर्थ करीब 50-60 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है. यानी जिस लड़के ने 300 रुपये लेकर घर छोड़ा था, उसने आखिरकार उस सपने को सच कर दिखाया, जिसके लिए उसने सब कुछ दांव पर लगाया था.

अब 4,000 करोड़ की ‘रामायण’

यश के करियर का आने वाला दौर और भी बड़ा दिखाई दे रहा है. उनकी फिल्म ‘टॉक्सिक ’ 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट में बनी है. फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है. इसके बाद वो नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर कपूर के साथ नजर आएंगे. इस फिल्म में रणबीर भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि यश रावण का किरदार निभा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ‘रामायण’ का बजट 4,000 करोड़ रुपये है. ये बजट फिल्म के दोनों भागों को मिलाकर है. इसमें प्रोडक्शन लागत, विजुअल इफेक्ट्स, टेक्नोलॉजी, म्यूजिक, अलग-अलग भाषाओं में रिलीज और दुनियाभर में मार्केटिंग जैसे खर्च शामिल बताए जा रहे हैं. फिल्म के टीजर और ट्रेलर के बाद सोशल मीडिया पर यश के रावण लुक की खूब तारीफ हो रही है. वैसे, यश की कहानी इसलिए खास है क्योंकि इसमें सफलता का शॉर्टकट नजर नहीं आता. 16 साल की उम्र में घर छोड़ना, 300 रुपये से शुरुआत करना, थिएटर में 50 रुपये रोज कमाना, टीवी से फिल्मों तक पहुंचना और फिर ‘रॉकी भाई’ बनकर पूरी दुनिया में पहचान बनाना, ये सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.

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