Home Top News छत्तीसगढ़ में मूसलधार बारिश से NH-30 डूबा: 8 जिलों में स्कूल बंद, एक किसान की मौत, अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में मूसलधार बारिश से NH-30 डूबा: 8 जिलों में स्कूल बंद, एक किसान की मौत, अलर्ट जारी

by Sanjay Kumar Srivastava 25 September 2026, 5:03 PM IST (Updated 25 September 2026, 5:04 PM IST)
25 September 2026, 5:03 PM IST (Updated 25 September 2026, 5:04 PM IST)
छत्तीसगढ़ में मूसलधार बारिश से NH-30 डूबा

Heavy Rain: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को भीषण बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गाया. पानी से भरे नाले में डूबकर एक किसान की मौत हो गई. मूसलधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया. नदियों का जलस्तर बढ़ गया और बस्तर क्षेत्र में दूर-दराज की बस्तियों का संपर्क टूट गया. कोंडागांव जिले में पानी से भरे धान के खेत में मछली पकड़ते समय एक 40 वर्षीय किसान नाले में गिरकर डूब गया. खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को आठ जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, गरियाबंद, धमतरी और दुर्ग में सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की. प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में उस दिन होने वाली तिमाही परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं.

सड़कों और रिहायशी इलाकों में भरा पानी

रायपुर, बस्तर और दुर्ग में नालों का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में भर गया. जगदलपुर में बाढ़ का पानी निचले इलाकों की बस्तियों में घुस गया और कई कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पहुंच गया. बाढ़ के पानी से नेशनल हाईवे-30 भी डूब गया, जिससे रायपुर और जगदलपुर के बीच वाहनों की आवाजाही बुरी तरह बाधित हुई. जगदलपुर से होकर बहने वाली इंद्रावती नदी के किनारे बसे निचले इलाकों और नदी के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है. बस्तर कलेक्टर ने अधिकारियों और होम गार्ड कमांडेंट को फील्ड में रहकर स्थिति पर नज़र रखने का निर्देश दिया.

कई गांवों का कटा संपर्क

सुकमा और बीजापुर जिलों में बाढ़ के पानी ने कई गांवों का संपर्क काट दिया है, जिसके चलते प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफान पर चल रहे जल निकायों के पास न जाएं और आपातकालीन स्थिति की सूचना स्थानीय आपदा नियंत्रण कक्षों को दें. धमतरी ज़िले में लगातार बारिश की वजह से बड़े जलाशयों में पानी का स्तर तेज़ी से बढ़ा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे तक गंगरेल जलाशय अपनी क्षमता का 98.14 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली 100 प्रतिशत, दुधावा 97.21 प्रतिशत और सोंढूर 88.18 प्रतिशत भर चुका था. पानी के बहाव को संभालने के लिए, अधिकारियों ने गंगरेल के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा है. इसमें से 48,950 क्यूसेक पानी महानदी नदी में और 6,000 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के ज़रिए नहर में भेजा गया है.

भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पानी के बहाव के स्तर को देखते हुए और पानी छोड़ने की ज़रूरत पड़ सकती है. वहीं, ऑरेंज अलर्ट के बीच राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ज़िलों में गुरुवार सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है. रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे पर कुम्हारी ओवरब्रिज के पास चंदनडीह में जलभराव के कारण ट्रैफ़िक धीमा हो गया, जिससे पुलिस को गाड़ियों को दूसरे रास्तों पर भेजना पड़ा. रायपुर में सुंदर नगर, महादेवघाट रोड और पुरानी विधानसभा रोड जैसे इलाकों में भी काफ़ी जलभराव देखा गया. 1 जून से 25 सितंबर के बीच राज्य में औसतन 1,082.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 10 साल के मौसमी औसत (1,081.5 मिमी) का 100.1 प्रतिशत है. रायपुर स्थित मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों में राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान की भी संभावना है.

ओडिशा में भारी बारिश से हाहाकारः हीराकुंड बांध के 14 गेट खुले, राज्य में NDRF व ODRAF की 136 टीमें तैनात

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?