Home Top News अंडमान सागर में 24 घंटे में भूकंप के तीन झटके, जानिए रिक्टर स्केल पर कितनी मापी गई तीव्रता?

अंडमान सागर में 24 घंटे में भूकंप के तीन झटके, जानिए रिक्टर स्केल पर कितनी मापी गई तीव्रता?

by Rishi 25 June 2025, 11:59 AM IST (Updated 28 June 2026, 12:07 PM IST)
25 June 2025, 11:59 AM IST (Updated 28 June 2026, 12:07 PM IST)
Earthquake

Earthquake: एनसीएस के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र अंडमान सागर में 9.46 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 94.07 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था, जिसकी गहराई 20 किलोमीटर थी.

Earthquake: अंडमान सागर में मंगलवार, 24-25 जून 2025 को 24 घंटे के भीतर भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए, जिसने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के निवासियों में चिंता पैदा कर दी. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 से 4.8 के बीच मापी गई। हालांकि, इन झटकों से अभी तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से संवेदनशील है, और इस तरह की घटनाएं असामान्य नहीं हैं, लेकिन लगातार भूकंपों ने सतर्कता बढ़ा दी है.

मंगलवार सुबह 5:21 बजे आया पहला भूकंप

पहला भूकंप मंगलवार सुबह 5:21 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई. एनसीएस के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र अंडमान सागर में 9.46 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 94.07 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था, जिसकी गहराई 20 किलोमीटर थी. दूसरा झटका सुबह 7:03 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.8 थी. इस भूकंप का केंद्र 9.48 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 94.17 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था, और इसकी गहराई 30 किलोमीटर थी. तीसरा और सबसे हालिया भूकंप रात 1:43 बजे आया, जिसकी तीव्रता 4.2 थी. इसका केंद्र भी अंडमान सागर में था, और गहराई 20 किलोमीटर थी.

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जो अल्पाइन-हिमालयन भूकंपीय बेल्ट का हिस्सा है. यह क्षेत्र भारतीय और बर्मा प्लेटों के मिलन स्थल पर स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप की घटनाएं सामान्य हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में प्रति वर्ष औसतन 192 भूकंप आते हैं, जिनमें से 140 भूकंप 4.0 या उससे अधिक तीव्रता के होते हैं. हालांकि, 24 घंटे में तीन भूकंपों की घटना ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों को सतर्क कर दिया है.

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने क्या बताया?

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन भूकंपों की जानकारी साझा की और लोगों से सतर्क रहने की अपील की. एनसीएस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “भूकंप की तीव्रता मध्यम स्तर की थी, और अभी तक किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है.” उन्होंने लोगों को भूकंप से संबंधित जानकारी के लिए ‘भूकंप ऐप’ डाउनलोड करने की सलाह भी दी.

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है. भूकंप के समय खुले स्थान पर जाने, मज़बूत फर्नीचर के नीचे शरण लेने और लिफ्ट का उपयोग न करने जैसे दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि अंडमान सागर में होने वाले भूकंप सुनामी का खतरा पैदा कर सकते हैं, हालांकि इन भूकंपों की तीव्रता के कारण ऐसी आशंका कम है.

अंडमान और निकोबार में भूकंप का इतिहास

अंडमान और निकोबार में भूकंप का इतिहास रहा है. वर्ष 2019 में, इस क्षेत्र में एक दिन में 18 भूकंप दर्ज किए गए थे, जिनकी तीव्रता 4.7 से 5.2 थी. इसके अलावा, 2004 में आए विनाशकारी सुनामी ने इस क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया था. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार निगरानी और बेहतर तैयारी ही इस क्षेत्र में जोखिम को कम कर सकती है.

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