Oil Prices: दुनिया के शेयर बाजारों में मंगलवार को मिला जुला रुख देखने को मिला. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर सबका ध्यान खींच लिया. तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है. इसकी बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ी टेंशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने को लेकर साफ तस्वीर न बन पाना है. होर्मुज दुनिया के लिए बहुत जरूरी समुद्री रास्ता है. इसी रास्ते से होकर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है. ऐसे में इस रास्ते को लेकर किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर तेल की कीमतों और आगे चलकर महंगाई पर पड़ सकता है.
ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के करीब
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.4 प्रतिशत बढ़कर 89.80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. वहीं, अमेरिका के बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड में 2.6 फीसदी की तेजी आई और इसकी कीमत 84.28 डॉलर प्रति बैरल रही. इससे पहले सोमवार को भी ब्रेंट क्रूड करीब 5 फीसदी उछल चुका था. पिछले महीने तेल बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. ब्रेंट कभी 72 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आया तो कभी 102 डॉलर तक पहुंच गया. इस उतार-चढ़ाव के पीछे सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई ऐसा समझौता हो पाएगा या नहीं, जिससे होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही नॉर्मल हो सके.
ट्रंप का बयान
तेल बाजार में मंगलवार की तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी है. ईरान की तरफ से युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिका से भुगतान की मांग की गई है. इसे ट्रंप ने खारिज करते हुए इस मांग का मजाक उड़ाया. ऐसे में अगर सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव बन सकता है.
एशियाई शेयर बाजारों का हाल
तेल के साथ-साथ एशिया के शेयर बाजारों में भी मंगलवार काफी उतार-चढ़ाव देखने के मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.7 फीसदी चढ़कर 6,345.53 पर पहुंच गया. टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर में 4.1 फीसदी की तेजी आई. वहीं, SK Hynix में 0.4 प्रतिशत की बढ़त रही. हालांकि, हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सेंग 1.1 फीसदी गिरकर 25,652.82 पर आ गया. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 0.8 फीसदी फिसलकर 3,934.09 पर बंद हुआ. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 मामूली 0.2 फीसदी चढ़ा. वहीं, भारत का सेंसेक्स 0.5 फीसदी नीचे रहा. जापान का बाजार छुट्टी की वजह से आज बंद था. वैसे, अमेरिकी बाजार में भी सोमवार को हल्की गिरावट रही.
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AI शेयरों की तेजी
हाल के महीनों में शेयर बाजारों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों की शानदार कमाई से काफी सपोर्ट मिला है. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में इस तेजी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है. विशेषज्ञों का मानना है कि AI को लेकर निवेश का दौर जारी रहेगा, लेकिन सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में पिछले साल जैसी तेज हलचल शायद देखने को न मिले.
इंटेल में तेज गिरावट
इंटेल के शेयर में 4.1 फीसदी की गिरावट आई. कंपनी ने संकेत दिया है कि वो करीब 15 अरब डॉलर मूल्य के शेयर जारी कर सकती है. इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हो सकता है. कंपनी इस रकम का इस्तेमाल AI तकनीक से जुड़े बड़े निवेश और भविष्य की जरूरतों के लिए कर सकती है. दूसरी तरफ, वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे के शेयर 1.5 फीसदी चढ़े. कंपनी ने पिछली तिमाही में उम्मीद से बेहतर मुनाफा किया है.
अमेरिका की महंगाई
अगर महंगाई में गिरावट आती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों को लेकर दबाव कुछ कम हो सकता है. ब्याज दरें ज्यादा रहने से कंपनियों और आम लोगों के लिए कर्ज महंगा होता है, जिससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है. दूसरी तरफ कम महंगाई बाजार के लिए राहत की खबर हो सकती है. इन सबके अलावा मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर थोड़ा मजबूत हुआ. ये जापानी येन के मुकाबले 159.35 पर पहुंच गया. यूरो की कीमत मामूली गिरावट के साथ 1.1539 डॉलर रही. इस टेंशन के माहौल में निवेशकों का भरोसा सोने पर भी बना हुआ है. सोने की कीमत 0.3 फीसदी बढ़कर 4,434.20 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई. देखा जाए तो, बाजार की नजर फिलहाल तीन बड़ी चीजों पर है. पहला होर्मुज से तेल की आवाजाही कब सामान्य होगी. दूसरा, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कहां तक जाएगा. तीसरा, अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़े क्या संकेत देते हैं. इन तीनों घटनाक्रमों का असर आने वाले दिनों में तेल, शेयर बाजार और महंगाई की तस्वीर पर साफ दिखाई दे सकता है.
News Source: PTI
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