Shraddha Walkar Murder Case: समाज में भावनाएं मरती जा रही है. प्यार के नाम पर केवल रिश्तों का सौदा किया जा रहा है. हर दिन अपराध की नई सीमाएं गढ़ी जा रही हैं. हर दिन हत्या का नया तरीका सामने आ रहा है, जिसे सुनकर लगता है कि अब लोगों में इंसानियत की जगह गुस्से और फरेब ने ले ली है. प्यार, भरोसा और अपनापन किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव मानी जाती है, लेकिन कुछ सनसनीखेज हत्याओं ने इन भावनाओं पर ही सवाल उठा दिए हैं.
चार साल पहले जब श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड सामने आया, तो हर किसी की रूह कांप गई थी. एक लड़की जिसने प्यार पर भरोसा कर अपना घर-परिवार सब छोड़ दिया और अपने बॉयफ्रेंड के साथ चली गई, उसी प्यार ने उसकी जिंदगी छीन ली. आज श्रद्धा वाल्कर की मौत को चार साल हो गए हैं. आरोपी जेल में है, लेकिन न्याय नहीं मिला. उसके पिता न्याय का इंतजार करते-करते गुजर गए और उसका भाई अपनी बहन के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. दूसरी ओर आरोपी आफताब जेल से अपनी परीक्षाएं दे रहा है. इस खबर में आप जानेंगे कि प्यार, धोखे और हत्या से जुड़ी इस कहानी की शुरुआत कैसे हुई और कैसे इसका डरावना अंत हुआ.
प्यार में श्रद्धा ने छोड़ा घर
27 साल की श्रद्धा वॉल्कर महाराष्ट्र के मलाड में एक कॉल सेंटर में काम करती थी. बंबल ऐप के जरिए उसकी मुलाकात आफताब अमीन पूनावाला से हुई. आफताब भी वसई का रहने वाला था. संयोग से वे दोनों एक ही कॉल सेंटर में काम भी करते थे. दोनों की दोस्ती हुई और धीरे-धीरे प्यार हो गया. श्रद्धा ने आफताब पर भरोसा किया और उसके साथ जिंदगी भर रहने के लिए तैयार हो गई, लेकिन उसे जरा भी भनक नहीं थी कि उसकी मोहब्बत एक दिन उसकी जिंदगी खत्म कर देगी.
2019 में वह अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ आफताब के साथ रहने चली गई. उसका परिवार इंटरफेथ रिश्ते और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के खिलाफ थे. श्रद्धा ने अपने परिवार से सारे रिश्ते तोड़ दिए. दोनों साउथ दिल्ली के महरौली में रहते थे. 2-3 साल में आफताब के प्यार का झूठा नाटक सामने आने लगा तो, दोनों में लड़ाई-झगड़ा शुरू हो गया. इसी घरेलु विवाद में आफताब ने श्रद्धा को रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया. 18 मई 2022, यह वो दिन था जब आफताब ने जल्लाद बनकर श्रद्धा की हत्या कर दी.
बॉडी काटकर फ्रिज में रखी
हत्या का खुलासा करीब छह महीने बाद हुआ, जब श्रद्धा के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई. श्रद्धा के दोस्तों ने नोटिस किया मई के बाद से उसके सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ पोस्ट हुआ और उसका फोन भी बंद है. दोस्तों ने इसकी जानकारी पिता विकास वाकर को दी. पिता ने दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई. जब पुलिस ने श्रद्धा का बैंक अकाउंट खंगाला तो पता चला कि उसके अकाउंट से आफताब के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किया गया. मोबाइल लोकेशन ट्रेस करके पुलिस ने 12 नवंबर 2022 को आफताब को हिरासत में ले लिया. इसके बाद हत्या की पूरी साजिश सामने आई.

आफताब ने श्रद्धा का गला घोंट दिया और उसकी बॉडी के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने अपने घर पर 300 लीटर के फ्रिज में करीब तीन हफ्ते तक रखा. किसी को शक न हो, इसलिए वह इन टुकड़ों को एक-एक करके फेंकता रहा. जंगल में मिली हड्डियों का DNA श्रद्धा के पिता के DNA से पूरी तरह मैच हो गया. जांच में यह सामने आया कि आफताब ने इंटरनेट और क्राइम शोज की मदद से हत्या की पूरी प्लानिंग की. इस हत्याकांड से पूरे देश में सनसनी मच गई थी.
215 से ज्यादा बार हो चुकी हियरिंग
श्रद्धा वॉल्कर की हत्या के करीब 6 महीने बाद आफताब को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस ने सयुंक्त सूझबूझ, डिजिटल फुटप्रिंट और उसके खुद के बयानों में विरोधाभास की मदद से उसे गिरफ्तार किया. 12 नवंबर, 2022 को उसकी गिरफ्तारी से लेकर अब तक इस मामले में कई कानूनी मोड़ आए हैं. हाल ही आफताब की परीक्षाओं के चलते सुनवाई टलने के कारण यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है.
नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या कर शव को फ्रिज में छिपाया; किए अनगिनत टुकड़े; जानें मामला
पुलिस को जंगल से हड्डियां और इंसानी अवशेष मिले, जिनका DNA श्रद्धा के परिवार से मैच हुआ. जनवरी 2023 में दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में 6,629 पन्नों से ज्यादा की डिटेल्ड चार्जशीट फाइल की. इसके बाद मई 2023 में कोर्ट ने आफताब के खिलाफ सेक्शन 302 (मर्डर) और 201 (सबूत मिटाना) के तहत चार्ज फ्रेम किए. साकेत कोर्ट में ट्रायल बिना रुके चल रहा है. अब तक इस केस में 215 से ज्यादा हियरिंग हो चुकी हैं. पुलिस द्वारा पेश किए गए 200 से ज्यादा गवाहों में से, अब तक लगभग 157 गवाहों के बयान और क्रॉस-एग्जामिनेशन पूरे हो चुके हैं.
कोर्ट ने खारिज की जल्दी ट्रायल पूरा करने की याचिका
हाल ही में श्रद्धा के भाई ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका फाइल की, जिसमें लोअर कोर्ट को एक तय टाइमलाइन के अंदर ट्रायल पूरा करने का निर्देश देने की मांग की गई. इस पिटीशन पर 31 जुलाई, 2026 को जस्टिस मधु जैन की बेंच ने सुनवाई की. हाई कोर्ट ने ट्रायल पूरा करने के लिए कोई डेडलाइन तय करने से मना कर दिया. कोर्ट ने साफ किया कि साकेत का ट्रायल कोर्ट इस केस को बहुत सीरियसली ले रहा है और रोजाना सुनवाई कर रहा है, इसलिए अलग से इंस्ट्रक्शन देने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा, कोर्ट ने गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि अगर जरूरत हो तो किसी भी विदेशी गवाह की गवाही में तेजी लाएं. इसके तुरंत बाद 31 जुलाई और 1 अगस्त 2026 को साकेत कोर्ट ने जेल प्रशासन को आफताब के मनोरोग परामर्श सेशन को मंगलवार से शनिवार कर देने का आदेश दिया, ताकि उसकी रेगुलर कोर्ट की सुनवाई में कोई रुकावट न आए.

परीक्षा के लिए मिली छूट
आफताब जैसे जघन्य अपराधी को पढ़ाई और एग्जाम के लिए छूट दिए जाने से जनता और पीड़ित के परिवार में बहुत गुस्सा है. हाल ही में दिल्ली कोर्ट ने 20 जुलाई, 2026 को होने वाली सुनवाई कैंसिल कर दी थी, क्योंकि आफताब ने तिहाड़ जेल से IGNOU के जरिए MA सोशियोलॉजी के फाइनल एग्जाम में बैठने के लिए पर्सनल पेशी से छूट मांगी थी.
आफताब ने जिस श्रद्धा वॉकर के टुकड़े कर फ्रिज में रखा, आज उसकी बुआ को पाकिस्तान से आ रहे फोन
भारतीय कानून के तहत, किसी आरोपी को तब तक “अंडरट्रायल” माना जाता है जब तक कि उसका दोष साबित न हो जाए. मानवाधिकारों और जेल के नियमों के अनुसार कैदियों को जेल के अंदर पढ़ाई करने और परीक्षा देने का अधिकार होता है. कोर्ट इन मानवीय और कानूनी आधारों पर परीक्षाओं में छूट देता है.
श्रद्धा की बुआ को आ रहे पाकिस्तान से फोन
श्रद्धा वॉकर की बुआ राजल नाइक ने सोमवार को दावा किया कि जब से उन्होंने श्रद्धा को न्याय मिलने में देरी के बारे में मीडिया से बात करना शुरू किया है, तब से उन्हें पाकिस्तान से अनजान फोन कॉल आ रहे हैं. नाइक को अब अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगी है. राजल नाइक ने बताया कि इन संदिग्ध कॉल्स ने उनके परिवार को डरा दिया है, जिससे उन्होंने अनजान इंटरनेशनल नंबरों से आने वाले कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने सबूत के तौर पर आने वाले कॉल लॉग्स के स्क्रीनशॉट सेव कर लिए हैं और वसई पुलिस में ऑफिशियल शिकायत दर्ज कराने का प्लान बना रही हैं. नाइक ने रिपोर्टर्स से बात करते हुए कहा, “चार साल बाद भी, श्रद्धा को न्याय नहीं मिला है. जब से मैंने मीडिया में अपनी आवाज उठानी शुरू की है, मुझे पाकिस्तान से अनजान कॉल्स आ रही हैं. हम डरे हुए हैं, लेकिन मैंने कॉल रिकॉर्ड डॉक्यूमेंट कर लिए हैं और पुलिस से जांच के लिए संपर्क करूंगी कि कौन हमें डराने की कोशिश कर रहा है.”
पिता के बाद भाई लड़ रहा कानूनी लड़ाई
वाल्कर के पिता विकास वॉकर ने उसकी मौत के बाद इस केस को आगे बढ़ाया था, लेकिन न्याय का इंतजार करते-करते 2025 में वे गुजर गए. आफताब अमीन पूनावाला अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है और इस केस का ट्रायल अभी भी चल रहा है. पिता के बाद अब श्रद्धा का भाई अपनी बहन को इंसाफ दिलाने के लिए अकेले ही कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) और पीड़ित परिवार ने चिंता जताई है कि आरोपी आफताब बार-बार एग्जाम, मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट या डेंटल ट्रीटमेंट के बहाने समय मांग रहा है, जिससे ट्रायल में देरी हो रही है.
अब तक नहीं हुआ अंतिम संस्कार
इस कानूनी देरी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि श्रद्धा के पिता विकास वॉकर की 2025 में हार्ट अटैक से मौत हो गई और उन्होंने अपनी बेटी को इंसाफ मिलते नहीं देखा. श्रद्धा का छोटा भाई अभी यह कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. सबसे दुखद बात यह है कि श्रद्धा का अंतिम संस्कार अभी तक नहीं हुआ है. पुलिस को मिली श्रद्धा की अस्थियां कानूनी तौर पर कोर्ट में “केस प्रॉपर्टी” के तौर पर सुरक्षित हैं. जब तक ट्रायल खत्म नहीं हो जाता, परिवार को हिंदू रीति-रिवाजों से उसका अंतिम संस्कार करने की इजाजत नहीं है, जिससे उनका मानसिक और भावनात्मक दर्द और बढ़ता जा रहा है.
