Home Latest News & Updates पुल ढहा, ट्रेनें बंद और 22,000 लोग प्रभावित, असम में बाढ़ ने मचाई तबाही, गृह मंत्री ने CM सरमा से की बात

पुल ढहा, ट्रेनें बंद और 22,000 लोग प्रभावित, असम में बाढ़ ने मचाई तबाही, गृह मंत्री ने CM सरमा से की बात

by Neha Singh 29 June 2026, 11:46 AM IST
29 June 2026, 11:46 AM IST
Assam Flood

Assam Flood: असम में बाढ़ ने तबाही मचा दी है. सबसे ज्यादा धमेजी जिला प्रभावित हुआ है. असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के अनुसार, धेमाजी के चार रेवेन्यू सर्कल के 69 गांवों में बाढ़ से लगभग 16,000 लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के कारण लोगों की जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. गांव पानी में डूब गए हैं. पुल ढह गए हैं और खेती बर्बाद हो गई है. शिक्षा -नौकरी पर संकट आ गया है. बचाव दल लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

गृह मंत्री ने की सीएम सरमा से बात

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ पर चर्चा करने के लिए फोन किया. उन्होंने कहा कि शाह ने जानना चाहा कि राज्य की उफनती नदियों से कितना नुकसान हुआ है, अगर हुआ है तो और स्थिति को संभालने में केंद्र की ओर से हर संभव मदद की पेशकश की.

सरमा ने रविवार को X पर पोस्ट किया, जब से धेमाजी में बाढ़ आई है, मैं उस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा हूं. हमारे लोगों की जिंदगी पर इसके असर से हम बहुत दुखी हैं. इस मुश्किल समय में, हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों की तुरंत सुरक्षा और लंबे समय के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के लिए अपने सभी रिसोर्स जुटा रही है. सरमा ने आगे कहा, हम अपने लोगों पर इस बाढ़ के असर को कम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

पुल बहे, ट्रेनें बंद

नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे (NFR) के एक स्पोक्सपर्सन ने पहले कहा था कि बाढ़ और किनारों के कटाव की वजह से एक रेलवे ब्रिज पर असर पड़ा है, इसलिए धेमाजी जिले में अर्चीपाथर और सिमेन चपारी के बीच के सेक्शन पर ट्रेन सेवाओं को रोक दिया गया है. NFR ने रविवार को एक बयान में कहा, “KM 408/11-13 पर बना यह ब्रिज, जो 1965 में बना था और बाद में ब्रॉड गेज में बदल दिया गया था, सुरक्षित हालत में था, लेकिन भारी बारिश में नदी के किनारे का एक बड़ा हिस्सा बह जाने की वजह से इसका एक पिलर अस्थिर हो गया.”

एक अलग घटना में, जोनाई में केमी और ओयान इलाकों को जोड़ने वाला केमी नदी पर बना 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बाढ़ के पानी में बह गया, जिससे केमी-ओल्ड जेलोम इलाके और जोनाई सदर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया.

इंसान के साथ जानवर भी परेशान

धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, नलबाड़ी, चिरांग और कोकराझार जिले में कुल 96 गांव पानी में डूब गए हैं. 22,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इस आपदा ने लगभग 1,690 हेक्टेयर खेती की जमीन को भी बर्बाद कर दिया है. इंसानों के साथ-साथ 48,199 जानवर भी बाढ़ से परेशान हैं. लगातार बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का पानी का लेवल बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसांग नदी शिवसागर जिले के नांगलमुराघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

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News Source: PTI

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