Monsoon Weekend Getaways: मानसून आते ही लाइफ की स्पीड थोड़ी धीमी और दिल की इच्छाएं तेज हो जाती हैं. दिल्ली-एनसीआर जैसी बिजी जगहों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि एक फीलिंग होती है. ऑफिस की डेडलाइन, ट्रैफिक जाम, लगातार बजते फोन और भागती जिंदगी के बीच जब खिड़की पर बारिश की बूंदें पड़ती हैं, तो मन कहीं दूर निकलने का सपना देखने लगता है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको लंबी छुट्टी लेने या प्लेन पकड़ने की जरूरत नहीं है. दिल्ली एनसीआर के आसपास ऐसी कई शानदार जगहें हैं जहां आप सिर्फ 2 से 5 घंटे की ड्राइव में पहुंच सकते हैं. खास बात ये है कि मानसून इन जगहों को पूरी तरह बदल देता है. झीलें भर जाती हैं, जंगल जिंदा हो जाते हैं और पुराने किले बादलों के बीच किसी फिल्मी लोकेशन जैसे लगने लगते हैं. ऐसे में अगर आप भी इस मानसून वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लानिंग बना रहे हैं, तो ये 10 डेस्टिनेशन आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.
नीमराना
गुरुग्राम से लगभग 120 किलोमीटर दूर नीमराना उन लोगों के लिए परफेक्ट जगह है जो ज्यादा ड्राइव किए बिना छुट्टियों का मजा लेना चाहते हैं. दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर बसा ये कस्बा अपने मशहूर नीमराना फोर्ट पैलेस के लिए जाना जाता है. 15वीं शताब्दी में बना ये किला आज भारत के सबसे पॉपुलर हेरिटेज होटल्स में गिना जाता है. मानसून के टाइम इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. अरावली की पहाड़ियां, जो ज्यादातर समय सूखी दिखाई देती हैं, बारिश आते ही हरियाली से भर जाती हैं. यहां की 9 मंजिला नीमराना बावड़ी भी मानसून में देखने लायक होती है. बारिश का पानी भरने के बाद इसकी सीढ़ियां बहुत अट्रैक्टिव लगती हैं. रोमांटिक ट्रिप, एनिवर्सरी या पीसफुल वीकेंड के लिए ये जगह शानदार है.

अलवर
जब राजस्थान का नाम आता है तो लोगों के दिमाग में रेगिस्तान और गर्मी की इमेज आती है. हालांकि, राजस्थान का अलवर मानसून में बिल्कुल अलग रूप में दिखाई देता है. गुरुग्राम से लगभग 170 किलोमीटर दूर बसा ये शहर अरावली की गोद में बसा है. बारिश के मौसम में यहां की पहाड़ियां हरी हो जाती हैं और मौसम सुहावना. अलवर का बाला किला शहर की पहचान माना जाता है. लगभग 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर बना ये किला मानसून में बादलों से घिरा हुआ रहता है. यहां से पूरे शहर का नजारा देखने लायक होता है. सिलिसेढ़ झील इस मौसम का सबसे बड़ा अट्रैक्शन है. बारिश के बाद झील पूरी तरह भर जाती है और उसके किनारे पर बना महल किसी रॉयल पोस्टकार्ड जैसा दिखाता है. यहां बोटिंग का एक्सपीरियंस भी शानदार होता है. इसके अलावा सिटी पैलेस और म्यूज़ियम हिस्ट्री लवर्स को जरूर पसंद आएंगे. वहीं, अलवर आकर यहां का मशहूर कलाकंद खाना मत भूलिएगा.
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सरिस्का टाइगर रिजर्व
अगर आपको नेचर पसंद है तो सरिस्का मानसून में आपके लिए बढ़िया जगह है. गुरुग्राम से लगभग 200 किलोमीटर दूर ये रिजर्व बाघों के लिए मशहूर है, लेकिन मानसून के टाइम यहां की असली खूबसूरती हरियाली बन जाती है. बारिश के बाद सूखे जंगल हरे-भरे हो जाते हैं. रास्तों के किनारे मोर नाचते दिखाई देते हैं, बंदर, लंगूर और हिरन भी आपको घास खाते हुए नज़र आते हैं. हालांकि, जुलाई से सितंबर तक यहां मेन सफारी वाला सेक्शन बंद रहता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि यहां घूमने के लिए कुछ नहीं है. पांडुपोल हनुमान मंदिर, जंगल के रास्ते और आसपास की नेचुरल ब्यूटी आपकी वीकेंड ट्रिप को यादगार बना देगी. पास ही में भानगढ़ किला भी है, जो आपकी जर्नी को और शानदार बना देता है.
भरतपुर
जयादातर वाइल्डलाइफ पार्क बारिश में शांत हो जाते हैं, लेकिन भरतपुर का केवलादेव नेशनल पार्क मानसून में अपनी खूबसूरत के पीक पर होता है. यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल ये पार्क बर्ड लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है. बारिश के मौसम में यहां हजारों पक्षी घोंसले बनाते हैं. पूरा पार्क उनकी प्यारी आवाजों से गूंजता रहता है. सुबह के टाइम हल्की धुंध और बारिश की बूंदों के बीच पक्षियों को देखना और उनकी आवाज सुनना बेस्ट एक्सपीरियंस है. यहां साइकिल या रिक्शा से पार्क में घूमना काफी पॉपुलर है. पार्क के अलावा लोहागढ़ किला और डीग पैलेस भी यहां देखने लायक हैं.

हरिद्वार
मानसून के टाइम हरिद्वार जाने का एक अलग ही मज़ा है. दिल्ली से लगभग 225 किलोमीटर दूर ये पवित्र शहर गंगा नदी की वजह से दुनिया भर में फेमस है. बारिश के मौसम में गंगा नदी अपने पूरे वेग में बहती है, जिससे यहां का नज़ारा और खूबसूरत हो जाता है. हर की पौड़ी की शाम की गंगा आरती मानसून में और भी सुंदर लगती है. नदी के तेज बहाव के बीच हजारों दीपकों की रोशनी और मंत्रोच्चार मन को एक अलग ही लेवल की शांति देते हैं. मां मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों तक रोपवे की सवारी भी इस टूर का खास हिस्सा है.
मोरनी हिल्स
बहुत कम लोग जानते हैं कि हरियाणा का अपना एक हिल स्टेशन भी है. पंचकूला के पास मोरनी हिल्स गुरुग्राम से लगभग 270 किलोमीटर दूर है. मानसून में ये किसी मिनी हिमाचल जैसा लगता है. यहां का सबसे बड़ा अट्रैक्शन टिक्कर ताल है. बारिश के बाद झील पूरी तरह पानी से भर जाती है और आसपास की पहाड़ियां हरे रंग में रंग जाती हैं. यहां बोटिंग, ट्रैकिंग और नेचर के बीच टाइम बिताने का मज़ा लिया जा सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि यहां अभी भी ज्यादा भीड़ नहीं पहुंचती.
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जयपुर
जयपुर को लोग आमतौर पर सर्दियों का डेस्टिनेशन मानते हैं, लेकिन मानसून में इसकी खूबसूरती देखने लायक होती है. आमेर किले के नीचे माओटा झील बारिश के बाद पूरी तरह भर जाती है. किले की दीवारों और आसपास की हरी-भरी पहाड़ियों का सीन बहुत ही अट्रैक्टिव लगता है. जल महल भी मानसून में किसी फिल्मी सेट जैसा लगता है. नाहरगढ़ किले से पूरे शहर को देखना एक अलग ही एक्सपीरियंस होता है. अगर आपकी जर्नी तीज सेलिब्रेशन के टाइम होती है तो आपको राजस्थान के खूबसूरत और रॉयल कल्चर की भी झलक देखने को मिल सकती है. इसके अलावा शॉपिंग और खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी जयपुर किसी जन्नत से कम नहीं है.

लैंसडाउन
अगर आप ऐसी जगह ढूंढ रहे हैं जहां मोबाइल नोटिफिकेशन से ज्यादा पक्षियों की आवाज सुनाई दे, तो लैंसडाउन आपके लिए है. उत्तराखंड का ये छोटा कैंटोनमेंट शहर मानसून में काफी खूबसूरत हो जाता है. देवदार और चीड़ के जंगल धुंध में लिपट जाते हैं और पूरा शहर किसी स्टोरी बुक की तरह लगता है. यहां आकर आप भुल्ला ताल में बोटिंग कर सकते हैं, टिप-इन-टॉप व्यूपॉइंट से पहाड़ों का नजारा देख सकते हैं और पुराने चर्चों में भी जा सकते हैं. यहां न तो ज्यादा भीड़ होती है और न ही शोर-शराबा. यही इस जगह की सबसे बड़ी खूबी है.
ऋषिकेश
मानसून के टाइम ऋषिकेश का मूड पूरी तरह बदल जाता है. गर्मियों में लोग यहां राफ्टिंग और एडवेंचर के लिए आते हैं. वहीं, बारिश के मौसम में ये शहर शांति और स्पिरिचुअलिटी का सेंटर बन जाता है. गंगा आरती, त्रिवेणी घाट का माहौल और नदी किनारे बने कैफे मानसून में और खूबसूरत लगते हैं. सुबह योग सेशन में शामिल होना और शाम को गंगा किनारे बैठना यहां का सबसे अच्छा एक्सपीरियंस हो सकता है. सोलो ट्रैवलर्स, वेलनेस लवर्स और कपल्स के लिए ये जगह एकदम परफेक्ट है.
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कसौली
अगर आप बादलों, धुंध और पहाड़ियों के बीच कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं तो कसौली जरूर जाएं. गुरुग्राम से करीब पांच घंटे की ड्राइव पर आप इस छोटे से हिल स्टेशन पर पहुंच सकते हैं. क्राइस्ट चर्च, गिल्बर्ट ट्रेल और मंकी पॉइंट यहां के सबसे बड़े अट्रैक्शन हैं. बारिश के बाद यहां की वादियां धुंध में खो जाती हैं और पूरा शहर किसी रोमांटिक फिल्म जैसा लगता है. शाम को गर्म कॉफी के साथ पहाड़ों को देखना यहां आने वाले लोगों का फेवरेट काम है.

मानसून ट्रिप के लिए टिप्स
बारिश में घूमने का अपना अलग ही मजा है. लेकिन पूरा मज़ा तभी आता है जब तैयारी भी अच्छी हो. ऐसे में रोड ट्रिप के लिए आप सुबह जितनी जल्दी निकलें, उतना अच्छा है. इसके अलावा मौसम की अपडेट लेना भी जरूरी है. गाड़ी के टायर, ब्रेक और वाइपर पहले से ही देख लें. कैश साथ रखें क्योंकि कई जगह नेटवर्क की प्रोब्लम हो सकती है. मानसून ट्रिप पर जा रहे हैं तो, अपने साथ एक वाटरप्रूफ बैग जरूर कैरी करें. इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में रात की बजाय दिन में ड्राइव करें.
क्यों है खास?
मानसून का असली मजा सिर्फ खिड़की से बारिश देखने में नहीं, बल्कि उस बारिश के बीच नई जगहों को फील करने में है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के आसपास मौजूद ये 10 डेस्टिनेशन आपकी छुट्टियों को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी. कहीं आपको बादलों में खोए किले मिलेंगे, कहीं शांत झीलें, कहीं हरे-भरे जंगल और कहीं गंगा किनारे बैठकर खुद से मिलने का मौका. इस मानसून अपने मूड के हिसाब से जगह चुनिए, बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए.वैसे भी कुछ टूर सिर्फ तस्वीरों के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी भर की यादों के लिए की जाती हैं. अच्छी बात ये है कि इन जगहों पर घूमने के लिए आपको अपने काम और ऑफिस से ज्यादा छुट्टी भी नहीं लेनी पड़ेगी. आप वीकेंड में ही अपनी ट्रिप पूरी कर लेंगे.
