PM Modi Foreign Visit Expenses: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते पांच वर्षों में करीब 77 विदेशी यात्राएं किए हैं. यह आधिकारिक जानकारी विदेश मंत्रालय के द्वारा दी गई है. उनकी हाल-फिलहाल की यात्रा की बात करें तो पीएम मोदी 6 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक कुल तीन देशों की यात्रा पर थे. इन देशों के नाम इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड है. इससे पहले पीएम मोदी 27 जून से 29 जून 2026 तक सेशेल्स के दौरे पर थे, वहीं 13 जून से 18 जून 2026 तक प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर थे.
बीते गुरुवार को विदेश मंत्रालय की ओर से संसद के राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और उसपर आए सरकारी खर्च की जानकारी दी गई थी. मंत्रालय की ओर से 2021 यानी बीते पांच वर्षों में पीएम मोदी की विदेश यात्रा पर हुए खर्च का ब्यौरा दिया गया. सदन में सीपीआई (एम) के वी. शिवदासन के एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि बीते पांच वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने कुल 77 विदेशी यात्राएं की हैं. उन्होंने आगे यह भी बताया कि पीएम के इस दौरे के दौरान भारत के साथ उन तमाम देशों के कई समझौते भी हुए, जिससे देश को काफी फायदा हुआ है.
मंत्रालय के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बीते पांच वर्षों में पीएम मोदी के 77 विदेशी दौरे पर सरकार ने करीब 557.51 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अब आइए जानते हैं कि इन खर्चों में प्रमुख खर्च किन-किन देशों की यात्राओं पर हुए हैं. इसके साथ ही जानेंगे कि भारत को इससे कितना फायदा हुआ है. शुरुआत हम प्रधानमंत्री मोदी के हालिया तीन देशों की यात्रा से करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा
प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की यात्रा पर थे. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था, “लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता, भारत और इंडोनेशिया की साझी ताकत रही हैं. दोनों देशों के इलेक्शन कमीशन के बीच MOU से हम डेमोक्रेटिक सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा था, “हमारे देशों के बीच बढ़ता विश्वास हमारी रक्षा, सुरक्षा और मैरीटाइम सहयोग को मजबूत कर रहा है. आज हमने डिफेंस एक्सचेंज, डिजास्टर मैनेजमेंट और इन्डस्ट्रीयल सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई.”
पीएम मोदी ने अपने इंडोनेशिया दौरे के दौरान कहा, “अब हम दोनों देशों के coast guards हिंद महासागर में मैरीटाइम सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए मिलकर काम करेंगे. दो करीबी मैरीटाइम देश होने के नाते, हमने ब्लू इकॉनमी, पोर्ट डेवलपमेंट और मैरीटाइम ट्रेड में आपसी सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय लिया है.”

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प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा
इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 8 से 10 जुलाई, 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मेलबर्न गए थे. यहां उन्होंने प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की और कई समझौते हुए.
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, खेल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक महत्वपूर्ण पुल की तरह काम करता है, जो समुदायों को जोड़ते हुए सहयोग के नए रास्ते खोलता है. वर्ष 2023 के खेल सहयोग समझौते के अनुरूप, भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग का रोडमैप हमारे द्विपक्षीय संबंधों की नींव को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यावहारिक और भविष्य-केंद्रित प्राथमिकताओं के साथ नए अवसर प्रस्तुत करता है.
पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप भी बना. बताया गया कि अगले दशक में उपलब्ध अवसरों जैसे अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेल, ब्रिस्बेन में 2032 ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक खेल और भविष्य में ओलंपिक तथा पैरा-ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह रोडमैप साझा प्राथमिकताओं, संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर लक्षित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करता है.
खेल के अलावा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई बड़े समझौते हुए, इनमें रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता, भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु समझौते की प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर बात, साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी समेत अन्य कई समझौते हुए.

प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा
ऑस्ट्रेलिया के बाद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न से 10-11 जुलाई 2026 को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा पर गए. प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, भारत और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्रियों ने 11 जुलाई 2026 को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मुलाकात की और भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी बनाने की घोषणा की.
दोनों प्रधानमंत्रियों ने अगले चार वर्षों में संयुक्त कार्रवाई का मार्गदर्शन करने और भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक साझा ढांचे के रूप में 2030 के रोडमैप को मंजूरी दी. इस रणनीतिक साझेदारी में राजनीतिक और राजनयिक भागीदारी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, व्यापार और आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग समेत अन्य चीजें शामिल रहीं. व्यापार को लेकर दोनों देशों ने बताया कि वर्ष 2030 तक सामान और सेवाओं के आपसी व्यापार को दोगुना करके NZ$7 बिलियन (₹35,000 करोड़) तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम करना है.

पीएम मोदी की विदेश यात्रा के खर्च
बीते दिनों सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका, यूके, फ्रांस, चीन और जापान सहित 23 देशों की यात्राओं पर 180 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए. गुरुवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में देश-वार और साल-वार जारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक यह आंकड़ा लगभग 74.58 करोड़ रुपये रहा है. इसमें 6 जुलाई से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की यात्राएं शामिल हैं.
अपने सवाल में, सांसद संजय सिंह और वी. शिवदासन ने विदेश मंत्रालय (MEA) से 2021 से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का देश-वार विवरण और 2021 से ऐसी यात्राओं पर हुए कुल खर्च की जानकारी (साल-वार और यात्रा-वार) मांगी थी. विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने अपने जवाब के साथ लगे एक एनेक्शर (अनुबंध) में ये आंकड़े साझा किए.
उन्होंने कहा, “2021 से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का विवरण और हर विदेश यात्रा पर हुए कुल खर्च की जानकारी (साल-वार और यात्रा-वार) एनेक्शर-I में दी गई है. संदर्भ के लिए, प्रधानमंत्री की पिछली विदेश यात्राओं पर हुआ खर्च इस प्रकार था: 10,74,27,363 रुपये (USA, 2011), 9,95,76,890 रुपये (रूस, 2013), 8,33,49,463 रुपये (फ्रांस, 2011) और 6,02,23,484 रुपये (जर्मनी, 2013). ये आंकड़े महंगाई या मुद्रा के उतार-चढ़ाव को समायोजित किए बिना वास्तविक खर्च को दर्शाते हैं.”

2025 में विदेश यात्राओं पर 187 करोड़ रुपये खर्च
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अलग-अलग देशों की यात्राओं पर लगभग 187 करोड़ रुपये खर्च हुए. पिछले साल अलग-अलग देशों की यात्राओं पर हुआ खर्च इस प्रकार था – फ्रांस (25,59,82,902 रुपये), अमेरिका (16,54,84,302 रुपये), सऊदी अरब (15,54,03,792.47 रुपये), ब्राजील (17,72,22,144 रुपये), चीन (10,59,90,561 रुपये) और यूके (9,91,55,061.39 रुपये) आदि.
2025 में मोदी ने जिन अन्य देशों की यात्रा की, उनमें मॉरिशस, थाईलैंड, श्रीलंका, साइप्रस, कनाडा, क्रोएशिया, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, नामीबिया, मालदीव, जापान, भूटान, दक्षिण अफ्रीका, जॉर्डन, ओमान और इथियोपिया शामिल हैं.
2021 से 2024 तक 295 करोड़ रुपये खर्च
जुलाई 2025 में, सरकार ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के आंकड़े भी साझा किए थे, जिसके अनुसार 2021 से 2024 तक उनकी विदेश यात्राओं पर कुल खर्च लगभग 295 करोड़ रुपये था. अन्य चार वर्षों के कुल आंकड़े इस प्रकार हैं: लगभग 109 करोड़ रुपये (2024) – जिसमें रूस, यूक्रेन, अमेरिका और ब्राजील सहित 16 देश शामिल हैं; लगभग 93 करोड़ रुपये (2023); 55.82 करोड़ रुपये (2022) और लगभग 36 करोड़ रुपये (2021).
आंकड़ों के अनुसार, 2021 में मोदी ने बांग्लादेश (1,00,71,288 रुपये), अमेरिका (19,63,27,806 रुपये), इटली (6,90,49,376 रुपये) और यूके (8,57,41,408 रुपये) की यात्रा की थी.

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पीएम मोदी के दौरे के दौरान 316 MoUs साइन
विदेश मंत्रालय से इन दौरों के दौरान हुए द्विपक्षीय समझौतों और सहमति पत्रों (MoUs) की देश-वार जानकारी, निवेश के वादों और इसके परिणामस्वरूप भारत में आए असल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के बारे में भी पूछा गया था. मार्गेरिटा ने कहा, “प्रधानमंत्री के उच्च-स्तरीय दौरे विदेशी देशों के साथ करीबी रिश्ते बनाने और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत की भागीदारी को बढ़ावा देने का एक स्थापित तरीका हैं. ये दौरे और इनमें हुई समझ और समझौते कई क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने में मदद करते हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, व्यापार और निवेश, रक्षा और ऊर्जा सहयोग, और मजबूत सप्लाई चेन वगैरह शामिल हैं.”
अपने 35 पेज के जवाब में, उन्होंने एक अलग अनुलग्नक (annexure) में इन दौरों के दौरान हुए MoUs की देश-वार जानकारी भी साझा की और बताया कि “अप्रैल 2021-दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान कुल FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) 381.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर था.” साझा की गई सूची के अनुसार, जुलाई 2021 से प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों के दौरान हस्ताक्षरित MoUs की संख्या 316 थी. जवाब में आगे बताया गया कि 316 समझौता ज्ञापनों में से 44 संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ, 33 फ्रांस के साथ, 16 इजरायल के साथ और आठ अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित किए गए.
पहले कार्यकाल में पीएम मोदी की 49 विदेश यात्रा
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा, 12 साल पहले पीएम बनने के बाद से उनकी 100वीं विदेश यात्रा थी. प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी और आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की पहली विदेश यात्रा 15 से 16 जून, 2014 तक भूटान की थी. उनकी दूसरी यात्रा उसी वर्ष 13 से 17 जुलाई तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील की थी.
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था और 2019 और 2024 में फिर से चुने गए. प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, मोदी अपने 12 साल के कार्यकाल में अब तक ( फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा) प्रधानमंत्री के रूप में 78 देशों की यात्रा कर चुके हैं. उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में कुल मिलाकर 49 विदेश यात्राएं की थी.

दूसरे और तीसरे कार्यकाल की विदेश यात्राएं
पहले कार्यकाल में कुल 49 विदेश यात्राएं करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में कुल 27 विदेश यात्राएं की. अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान, पीएम मोदी की पहली विदेश यात्रा 8 से 9 जून, 2019 तक मालदीव और श्रीलंका की थी. तीसरे कार्यकाल की शुरुआत होने के बाद पीएम मोदी की अपनी पहली विदेश यात्रा इटली की थी. जी हां, पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल की यह इटली की यात्रा 13 से 14 जून, 2024 तक हुई थी.
फ्रांस और स्लोवाकिया की इस हालिया यात्रा को छोड़कर बात करें तो उनकी आखिरी विदेश यात्रा इस साल 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की थी. वहीं, प्रधानमंत्री का वह विदेश दौरा, जो 13 जून को शुरू हुआ और 18 जून को समाप्त हुआ, उनके तीसरे कार्यकाल का 24वां विदेशी दौरा था. इस दौरे के बाद पीएम मोदी ने 27 जून से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की यात्रा की थी. उसके बाद 6 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक उन्होंने कुल तीन देश इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की.
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