Sridevi Best Films: हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ स्टार्स ऐसे हुए हैं, जो पर्दे पर सिर्फ एक्टिंग नहीं करते, बल्कि किरदार को अपनी पहचान बना देते हैं. श्रीदेवी भी एक ऐसी ही अदाकारा थीं. उनकी आंखों के एक्सप्रेशन, चेहरे की मासूमियत, कॉमेडी का अंदाज, जबरदस्त डांस और सीरियस किरदारों में उतर जाने की कला ने उन्हें बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार का दर्जा दिलाया. 80 और 90 के दशक में शायद ही कोई ऐसा मूवी लवर रहा हो, जो श्रीदेवी के जादू से अनजान रहा हो. उनकी फिल्मों के गाने हों, उनके डांस स्टेप्स हों या फिर उनकी कॉमिक टाइमिंग, श्रीदेवी का हर अंदाज दर्शकों को अपना दीवाना बना देता था. खास बात ये थी कि श्रीदेवी को किसी पुरुष स्टार के सहारे की जरूरत नहीं थी. आज भी जब श्रीदेवी की याद आती है तो उनकी फिल्मों का लंबा सफर आंखों के सामने घूमने लगता है. यही वजह है कि आज हम आपके लिए उनकी कुछ ऐसी हिंदी फिल्मों की लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्होंने श्रीदेवी के करियर को नई ऊंचाई दी.

सदमा
‘सदमा’ श्रीदेवी के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है. फिल्म में उन्होंने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है, जो एक हादसे के बाद सब कुछ भूलकर एक बच्ची जैसी हो जाती है. फिल्म में कमल हासन के साथ उनकी केमिस्ट्री और इमोशनल सीन्स ने दर्शकों को अंदर तक छू लिया. 1983 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने साबित कर दिया कि श्रीदेवी सिर्फ ग्लैमरस हीरोइन नहीं, बल्कि सीरियस और चैलेंजिंग किरदार निभाने वाली शानदार एक्ट्रेस भी हैं. फिल्म के गाने आज भी लोग खूब पसंद करते हैं.
हिम्मतवाला
साल 1993 में ही श्रीदेवी की एक और फिल्म रिलीज़ हुई, जिसका नाम है ‘हिम्मतवाला’. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई करके श्रीदेवी के करियर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. जितेंद्र के साथ उनकी जोड़ी खूब पसंद की गई. फिल्म के गाने और श्रीदेवी का डांस उस दौर में जबरदस्त हिट रहा. इस फिल्म के बाद श्रीदेवी का नाम उन एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शामिल हो गया, जो एक्टिंग के साथ डांस में भी कमाल कर सकती थीं.
इंक़लाब
साल 1984 में रिलीज़ हुई फिल्म इंक़लाब, अमिताभ बच्चन के साथ श्रीदेवी की पहली फिल्म थी. फिल्म में उन्होंने एक अमीर राजनेता की बेटी का किरदार निभाया, जिसकी शादी एक ईमानदार पुलिस वाले से होती है. इस फिल्म में भी श्रीदेवी ने अपने किरदार को मजबूती से निभाया.

तोहफा
‘तोहफा’ अपने समय की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी. श्रीदेवी और जयाप्रदा के बीच मनमुटाव की अफवाहों ने भी इस फिल्म को और सुर्खियां दीं. जितेंद्र के साथ श्रीदेवी के डांस और गानों ने लोगों को खुश कर दिया. साल 1984 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 9 करोड़ रुपये की कमाई की थी. उस टाइम ये फिल्म सिर्फ 1.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी. फिल्म का गाना ‘तोहफा तोहफा’ आज भी लोगों को याद है.
नगीना
साल 1986 में रिलीज़ हुई ‘नगीना’ श्रीदेवी के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में उन्होंने इच्छाधारी नागिन बनकर तहलका मचा दिया था. ऋषि कपूर के साथ उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री के अलावा फिल्म में उनका नागिन वाला रूप सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. ‘मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा’ गाने में श्रीदेवी का डांस आज भी हिंदी सिनेमा के आइकॉनिक परफॉर्मेंस में गिना जाता है.
आखिरी रास्ता
अमिताभ बच्चन की डबल रोल वाली फिल्म आखिरी रास्ता साल 1986 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में श्रीदेवी का रोल भले ही छोटा था, लेकिन उन्होंने कॉमेडी, रोमांस और ड्रामा के बीच शानदार बैलेंस बनाया. साल 1986 में रिलीज़ हुई ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही.
कर्मा
सुभाष घई की मल्टीस्टारर फिल्म ‘कर्मा’ भी श्रीदेवी के करियर की बड़ी फिल्मों में शामिल है. साल 1986 में रिलीज़ हुई इस फिल्म में दिलीप कुमार, नसीरुद्दीन शाह, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर और नूतन जैसे बड़े कलाकार थे. ऐसे बड़े स्टारकास्ट वाले प्रोजेक्ट में श्रीदेवी का रोल छोटा था. हालांकि, फिल्म में जैकी श्रॉफ के साथ उनकी केमिस्ट्री को लोगों ने काफी पसंद किया था.

मिस्टर इंडिया
अगर श्रीदेवी के करियर की सबसे शानदार फिल्मों की लिस्ट बनाई जाए, तो ‘मिस्टर इंडिया’ का नाम जरूर होगा. ये फिल्म साल 1987 में रिलीज हुई थी, जिसमें श्रीदेवी के साथ अनिल कपूर की जोड़ी नज़र आई. श्रीदेवी ने इसमें सीमा रिपोर्टर का किरदार निभाया. श्रीदेवी की कॉमेडी, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें फिल्म का सबसे यादगार किरदार बना दिया. ‘हवा हवाई’ गाने में उनका अंदाज हो या ‘कांटे नहीं कटते’ में ग्लैमरस अवतार, दोनों ने श्रीदेवी को एक अलग लेवल का स्टार बना दिया. इसी फिल्म के बाद उन्हें बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार की तरह देखा जाने लगा.
निगाहें: नागिन पार्ट 2
‘नगीना’ की सफलता के बाद श्रीदेवी फिर इच्छाधारी नागिन बनकर सिल्वर स्क्रीन पर लौटीं. इसी फिल्म का पार्ट 2 यानी निगाहेंः नागिन पार्ट 2 साल 1989 में रिलीज़ हुआ. इसने श्रीदेवी को उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल कर दिया, जिनके नाम से फिल्म फ्रेंचाइजी आगे बढ़ी. सनी देओल के साथ उनकी जोड़ी और फैंटेसी कहानी ने फिल्म को सुर्खियों में ला दिया. हालांकि, नगीना की तरह इस फिल्म को दर्शकों से उतना प्यार नहीं मिला.
कहानी और थ्रिल में हिंदी से एक कदम आगे हैं ये 5 रीजनल वेब सीरीज, खोलकर रख देंगी दिमाग!
चांदनी
यश चोपड़ा की ‘चांदनी’ ने श्रीदेवी को रोमांटिक फिल्मों की रानी बना दिया. साल 1989 में रिलीज़ हुई इस फिल्म का संगीत बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ. फिल्म के कई गाने आज भी फंक्शन और पार्टीज में सुनाई देते हैं. इसके अलावा श्रीदेवी के सफेद कपड़ों वाले लुक ने फैशन की दुनिया में तहलका मचा दिया. उस दौर में लड़कियों के बीच ‘चांदनी लुक’ इतना लोकप्रिय हुआ कि श्रीदेवी का फैशन खुद एक ट्रेंड बन गया.

चालबाज़
श्रीदेवी की फिल्म ‘चालबाज़’ भी 1989 में रिलीज़ हुई थी. इसमें श्रीदेवी ने डबल रोल निभाया, लेकिन दोनों किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे. अंजू जहां शांत और दब्बू थी, वहीं मंजू बेबाक, चुलबुली और लड़ाकू थी. फिल्म में श्रीदेवी ने अपनी कॉमिक टाइमिंग और एक्टिंग से लोगों का दिल जीत लिया. चालबाज उस साल रिलीज हुई हिट फिल्मों में से एक थी. इस फिल्म के लिए श्रीदेवी को अपना पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला था.
लम्हे
साल 1991 में रिलीज हुई यश चोपड़ा की ‘लम्हे’ में श्रीदेवी ने फिर डबल रोल किया. हालांकि, इस बार कहानी और किरदार दोनों बहुत अलग थे. फिल्म ने उम्र, प्रेम और रिश्तों जैसे संवेदनशील विषयों को छुआ. भले ही ये फिल्म ‘चांदनी’ जैसी बॉक्स ऑफिस सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन श्रीदेवी की एक्टिंग की जमकर तारीफ हुई. इस भूमिका के लिए भी उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था.
खुदा गवाह
अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी की जोड़ी एक बार फिर नज़र आई फिल्म ‘खुदा गवाह’ में. 1992 में रिलीज हुई इस फिल्म ने लोगों का अच्छा-खासा मनोरंजन किया. अमिताभ बच्चन जैसे स्टार के सामने श्रीदेवी का स्टारडम ज़रा भी कम नहीं दिखा. फिल्म समय के साथ कल्ट बन गई. आज भी लोग इस फिल्म को देखना पसंद करते हैं.

लाडला
श्रीदेवी की सबसे बेहतरीन फिल्मों में ‘लाडला’ का नाम भी जरूर आता है. 1994 में रिलीज़ हुई इस फिल्म में श्रीदेवी ने बिजनेस वुमन का किरदार निभाया. फिल्म में अनिल कपूर और रवीना टंडन जैसे स्टार्स भी दिखे. इस फिल्म ने एक बार फिर साबित कर दिया कि श्रीदेवी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत और बेहतरीन एक्ट्रेस हैं.
जुदाई
श्रीदेवी, अनिल कपूर और उर्मिला मातोंडकर की फिल्म ‘जुदाई’ साल 1997 में रिलीज़ हुई थी. ये 90 के दशक की सबसे यादगार फिल्मों में से एक बनी. आज की जेनेरेशन भी इस फिल्म को देखना पसंद करती है. फिल्म की कहानी में एक पत्नी पैसों के लालच में अपने पति की दूसरी शादी करवा देती है. कहानी में कॉमेडी, लालच, भावनाएं और फैमिली ड्रामा सबकुछ था. श्रीदेवी ने हर सीन को इतनी एनर्जी के साथ किया, कि आज भी उनके फैंस को ये फिल्म याद है.
इंग्लिश विंग्लिश
कई साल के ब्रेक के बाद श्रीदेवी ने ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के साथ बॉलीवुड में शानदार वापसी की. फिल्म में उन्होंने एक ऐसी हाउसवाइफ का रोल निभाया, जिसे अंग्रेजी न आने की वजह से काफी कुछ सहना पड़ता है. विदेश जाकर जब वो अंग्रेजी सीखती है, तब उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है. साल 2012 में रिलीज़ हुई श्रीदेवी की ये फिल्म लोगों के दिलों में घर कर गई.

मॉम
‘मॉम’ श्रीदेवी की आखिरी रिलीज फिल्मों में से एक थी. इसमें उन्होंने अपने एक्टिंग का एक बहुत ही सीरियस रूप दिखाया. फिल्म में वो अपनी बेटी के साथ हुए अपराध के बाद अलग लड़ाई लड़ती हैं. उनके किरदार में गुस्सा भी था, दर्द भी और मां की ममता भी. श्रीदेवी ने इन सभी भावनाओं को इतनी गहराई से निभाया कि फिल्म देखते हुए दर्शक उनके साथ जुड़ जाते हैं.
श्रीदेवी क्यों थीं सबसे अलग?
श्रीदेवी की खासियत सिर्फ ये नहीं थी कि उन्होंने बड़ी हिट फिल्में दीं. उनकी असली ताकत ये थी कि वो हर किरदार में खुद को बदल सकती थीं. कभी वो चुलबुली सीमा बन जाती थीं, कभी इच्छाधारी नागिन, कभी दो बिल्कुल अलग जुड़वां बहनें और कभी अंग्रेजी सीखती सिंपल हाउसवाइफ. वो कॉमेडी करती थीं तो लोग हंसते थे, इमोशनल सीन करती थीं तो आंखें नम हो जाती थीं. डांस करती थीं तो लोग स्क्रीन से नजर नहीं हटा पाते थे. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक दौर में फिल्मों की कहानियां उनके स्टारडम को ध्यान में रखकर लिखी जाती थीं. श्रीदेवी उन गिनी-चुनी एक्ट्रेसेस में शामिल थीं, जो अकेले अपने दम पर फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर हिट करा सकती थीं. श्रीदेवी का सफर बाल कलाकार से लेकर हिंदी सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार तक पहुंचा. आज भले ही वो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, गाने, डांस और किरदार हमेशा फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे.
डांस शो से भारत की सबसे बड़ी फिल्म में ‘सीता’ बनने तक, कुछ ऐसी है Sai Pallavi की कहानी
