Delhi Shopping: अगर दिल्ली घूमने आए हैं और शॉपिंग नहीं की, तो समझिए आपने बहुत कुछ मिस कर दिया. यहां शॉपिंग सिर्फ सामान खरीदने का नाम नहीं है, बल्कि ये अपने आप में एक पूरा एक्सपीरियंस है. कहीं मसालों की खुशबू आपको अपनी तरफ खींचती है, कहीं रंग-बिरंगे कपड़े और साड़ियां आंखों में चमक भर देती हैं, तो कहीं छोटी सी दुकान में ऐसा सामान मिल जाता है, जो किसी बड़े मॉल में भी नहीं मिलेगा. दिल्ली की खासियत ये है कि यहां हर बजट और हर पसंद के लिए एक मार्केट है. आपको शादी की खरीदारी करनी है तो चांदनी चौक जाइए, सस्ते और ट्रेंडी कपड़े चाहिए तो सरोजिनी नगर आपका इंतजार कर रहा है. हैंडीक्राफ्ट चीज़ें देखनी हो तो दिल्ली हाट बेहतरीन है. वहीं किताबें, डिजाइनर सामान और थोड़ा प्रीमियम शॉपिंग एक्सपीरियंस चाहिए तो खान मार्केट और हौज खास विलेज का रुख कर सकते हैं. अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं, कि आपके लिए कौन सी मार्केट बेस्ट है, तो आज दिल्ली के उन बाजारों की लिस्ट लाए हैं, जहां खरीदारी के साथ-साथ शहर की असली रौनक भी देखने को मिलती है.

पुरानी दिल्ली के बाजार
दिल्ली की शॉपिंग की कहानी शुरू होती है पुरानी दिल्ली की उन गलियों से, जहां सदियों से खरीद और बिक्री होती आ रही है. लाल किले के आसपास फैला चांदनी चौक आज भी दिल्ली की सबसे बिजी शॉपिंग जगहों में से एक है. यहां की हर गली का अपना अलग काम है. कहीं, मसाले, कहीं कपड़े, कहीं चांदी के गहने और कहीं शादी की सजावट.
चांदनी चौक
चांदनी चौक सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि दिल्ली की पहचान है. यहां साड़ियां, लहंगे, सूट, दुपट्टे और तरह-तरह के फैब्रिक मिलते हैं. शादी की खरीदारी करने वालों के लिए ये जगह किसी खजाने से कम नहीं. चांदनी चौक की गलियों में घूमते हुए आपको मंदिर, मस्जिद, चर्च और पुरानी हवेलियों के बीच दुकानें दिखाई देंगी. जब खरीदारी से थक जाएं तो परांठे वाली गली में कुछ टेस्टी खाने का ब्रेक भी लिया जा सकता है.
खारी बावली
चांदनी चौक से थोड़ा आगे बढ़िए और पहुंच जाइए खारी बावली. इसे एशिया के सबसे बड़े थोक मसाला बाजारों में गिना जाता है. यहां लाल मिर्च, हल्दी, इलायची, केसर, चाय, सूखे मेवे और तरह-तरह के मसाले बड़े-बड़े बोरे में दिखाई देते हैं. अगर घर ले जाने के लिए दिल्ली की कोई खास चीज खरीदनी है, तो यहां से मसाले और चाय अच्छे ऑप्शन हैं. लेकिन खारी बावली की खासियत सिर्फ खरीदारी नहीं है. यहां की खुशबू, आवाजें और भीड़ मिलकर आपको दिल्ली का एक ऐसा अनुभव देती हैं, जिसे आप आसानी से भूल नहीं पाएंगे.
दरीबा कलां और किनारी बाजार
चांदी के गहनों के लिए दरीबा कलां का नाम खास तौर पर लिया जाता है. यहां चांदी के पारंपरिक गहने, रत्न और इत्र की दुकानें मिलती हैं. पास ही किनारी बाजार है, जहां शादी और त्योहारों के लिए गोटा, जरी, चमकीली लेस और सजावटी सामान मिलता है. भारतीय शादियों की चमक-दमक के पीछे इन बाजारों का बड़ा हाथ है. वहीं, अगर आपको किताबों का शौक है तो नई सड़क का रुख करें. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और लाइटिंग के लिए भागीरथ पैलेस जाना सबसे बेहतर रहता है.

दिल्ली हाट
अगर आपके पास दिल्ली में शॉपिंग के लिए सिर्फ एक दिन है और आप देशभर की आर्ट देखना चाहते हैं, तो दिल्ली हाट सबसे बेस्ट जगह है. दिल्ली के आईएनए में दिल्ली हाट मार्केट बहुत ही फेमस है. ये ऐसा बाजार है, जहां अलग-अलग राज्यों के कारीगर अपने हस्तशिल्प और हैंडलूम प्रोडक्ट्स बेचते हैं. यहां कपड़े, जूलरी, होम डेकोर, लकड़ी का सामान, ट्रेडिशनल आर्टवर्क और कई तरह की लोकल चीजें मिलती हैं. यहां की एक और खासियत है इसका फूड कोर्ट है, जहां भारत के अलग-अलग हिस्सों के खाने चखने का मौका मिलता है. यानी शॉपिंग भी और फूड टूर भी.
जनपथ और तिब्बती मार्केट
कनॉट प्लेस के पास जनपथ और आसपास का तिब्बती मार्केट यंगस्टर्स और टूरिस्टों के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां कपड़े, चांदी की जूलरी, बीडेड नेकलेस, बैग, कुशन कवर और कई तरह के छोटे-बड़े गिफ्ट आइटम मिल जाते हैं. यहां खरीदारी का असली मजा मोलभाव में है. दुकानदार ने जो कीमत बताई, उसे फाइनल प्राइज मान लेना यहां शॉपिंग के नियमों के खिलाफ जैसा है. मुस्कुराते हुए बातचीत कीजिए और अपनी पसंद की कीमत तक पहुंचने की कोशिश कीजिए.
सरकारी एम्पोरियम
अगर आपको बार्गेनिंग पसंद नहीं है या सामान की क्वालिटी को लेकर ज्यादा भरोसा चाहिए, तो जनपथ की सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम मार्केट अच्छी रहेगी. यहां देश के अलग-अलग हिस्सों के टेक्सटाइल, कालीन, पीतल, लकड़ी और बाकी हैंडक्राफ्टेड चीज़ें मिलती हैं. बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्टेट एम्पोरियम कॉम्प्लेक्स में भी अलग-अलग राज्यों की ट्रेडिशनल आर्ट और प्रोडक्ट्स देखे जा सकते हैं. अच्छी बात ये है कि यहां कीमतें तय होती हैं, इसलिए भैया कितना लगाओगे? वाली बातचीत से छुट्टी मिल जाती है.
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सरोजिनी में फैशन और बजट शॉपिंग
दिल्ली में सस्ती और ट्रेंडी शॉपिंग की बात हो और सरोजिनी नगर का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. यहां आपको ट्रेंडी कपड़े, टॉप, जैकेट, ड्रेस और एक्सेसरीज बहुत कम कीमत में मिल सकते हैं. कई बार एक्सपोर्ट सरप्लस या ब्रांडेड स्टॉक भी यहां दिखाई देता है. लेकिन सरोजिनी नगर में शॉपिंग के लिए थोड़ा धैर्य जरूरी है. कपड़ों के ढेर में से अपनी पसंद का पीस ढूंढना पड़ सकता है. इसके बाद मोलभाव भी करना होगा. सबसे जरूरी भीड़ में अपने बैग और मोबाइल का खास ध्यान रखें.

लाजपत नगर
लाजपत नगर का सेंट्रल मार्केट भारतीय और वेस्टर्न दोनों तरह के कपड़ों के लिए जाना जाता है. यहां सूट, फैब्रिक, जूते, बैग, एक्सेसरीज और एथनिक वियर की खूब वैरायटी मिलती है. इसके अलावा मेहंदी लगवाने वालों के लिए भी ये जगह काफी अच्छी है. अगर आपको सरोजिनी नगर की भीड़ थोड़ी ज्यादा लगती है लेकिन बजट शॉपिंग चाहिए, तो लाजपत नगर एक अच्छा मिडिल ग्राउंड है.
करोल बाग
अजमल खान रोड के आसपास फैला करोल बाग लगभग हर तरह की शॉपिंग के लिए जाना जाता है. कपड़ों और शादी के लहंगे से लेकर जूलरी, जूते और इलेक्ट्रॉनिक्स तक यहां बहुत कुछ मिल जाता है. पास की गफ्फार मार्केट मोबाइल, गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए फेमस है. यानी अगर शॉपिंग लिस्ट लंबी है, तो करोल बाग मार्केट आपको निराश नहीं करेगी.
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लग्जरी और स्टाइल के लिए खान मार्केट
अगर आपको भीड़भाड़ वाली गलियों की जगह आराम से ब्राउजिंग करते हुए शॉपिंग करना पसंद है, तो खान मार्केट आपके लिए है. ये दिल्ली की सबसे महंगी मार्केट्स में गिनी जाती है. यहां अच्छे बुकस्टोर, डिजाइनर बुटीक, होमवेयर स्टोर, कैफे और डेलिस मिलते हैं. किताबें, गिफ्ट आइटम और स्टाइलिश इंडियन ब्रांड्स की खरीदारी के लिए ये जगह बेस्ट है.
हौज खास विलेज
हौज खास विलेज में शॉपिंग के साथ थोड़ी हिस्ट्री और आर्ट भी मिल जाती है. पुराने जलाशय और ऐतिहासिक खंडहरों के आसपास बसा ये इलाका इंडिपेंडेंट बुटीक, डिजाइनर स्टूडियो, विंटेज स्टोर, आर्ट गैलरी और कैफे से भरा हुआ है. अगर आपको ऐसा फैशन या डेकोर चाहिए जो हर किसी के पास न हो, तो हौज खास विलेज जरूर देखें. शाम के समय यहां का माहौल और भी खूबसूरत हो जाता है.

जब गर्मी करे परेशान
दिल्ली की गर्मी या बारिश में स्ट्रीट मार्केट घूमना हर किसी के बस की बात नहीं. ऐसे में शहर के बड़े मॉल काम आते हैं. साकेत का सेलेक्ट सिटीवॉक ब्रांडेड शॉपिंग, रेस्तरां और एंटरटेनमेंट के लिए मशहूर है. लग्जरी ब्रांड्स के लिए वसंत कुंज का डीएलएफ एम्पोरियो जाना जा सकता है. डीएलएफ प्रोमेनेड, एंबिएंस और पैसिफिक मॉल भी अच्छे ऑप्शन हैं.
एंटीक चीजों के लिए खास बाजार
दिल्ली में आपको लगभग हर चीज के लिए एक स्पेशल मार्केट मिल जाएगी. कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए नेहरू प्लेस जाना जाता है. पुरानी और सेकेंड हैंड किताबों के शौकीन हर रविवार दरियागंज के बुक मार्केट का रुख कर सकते हैं. एंटीक, क्यूरियो और फाइन जूलरी के लिए सुंदर नगर मार्केट अच्छा ऑप्शन है. वहीं जामा मस्जिद के पास मीना बाजार में इत्र और ट्रेडिशनल चीज़ें मिलती हैं.
दिल्ली से क्या खरीदें?
अगर आप दिल्ली से कुछ यादगार लेकर जाना चाहते हैं, तो ऑप्शन्स की कमी नहीं है. साड़ियां और टेक्सटाइल, पश्मीना और शॉल, सिल्वर जूलरी, पीतल और तांबे का सामान, लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट, ब्लू पॉटरी, लेदर गुड्स, मसाले, चाय, सूखे मेवे, इत्र और किताबें सबसे पॉपुलर ऑप्शन हैं. मसाले और चाय के लिए खारी बावली, चांदी के लिए दरीबा कलां और हैंडीक्राफ्ट के लिए दिल्ली हाट अच्छी जगह हैं. महंगे पश्मीना या दूसरे प्रीमियम प्रोडक्ट्स लेते समय किसी भरोसेमंद दुकान या एम्पोरियम से खरीदारी करना बेहतर है.
इन बातों का रखें ध्यान
स्ट्रीट मार्केट में मोलभाव आम बात है, लेकिन मॉल और फिक्स्ड प्राइस दुकानों में ऐसा करना जरूरी नहीं. बाजार में दुकानदार की शुरुआती कीमत से काफी नीचे से बातचीत शुरू कर सकते हैं. फिर बीच की कीमत पर डील फिक्स कर सकते हैं. छोटी दुकानों के लिए कुछ कैश रखना अच्छा रहेगा. हालांकि, बड़े स्टोर में कार्ड या डिजिटल पेमेंट आसानी से काम आ सकता है. भीड़ वाले बाजारों में बैग सामने रखें और अपने मोबाइल वॉलेट का ध्यान रखें. किसी खास बाजार में जाने से पहले ये भी चैक कर लें कि वो हफ्ते में किस दिन बंद रहता है. दिल्ली हाट और बड़े मॉल आमतौर पर रोज खुले रहते हैं. लेकिन कई मार्केट हफ्ते में एक दिन बंद रहती हैं.

आखिर में सबसे जरूरी बात
दिल्ली की शॉपिंग का असली मजा सिर्फ ये नहीं कि आपने कितने बैग खरीदे. असली मजा है चांदनी चौक की भीड़ में रास्ता बनाते हुए चलना, खारी बावली में मसालों की खुशबू महसूस करना, सरोजिनी में अपनी पसंद का कपड़ा ढूंढ लेना और फिर दुकानदार से उसकी कीमत पर बहस करना. वैसे भी, दिल्ली में बाजार सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं हैं. ये शहर की संस्कृति, इतिहास, खान-पान, कला और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी की झलक दिखाते हैं. इसलिए अगली बार दिल्ली आएं तो सिर्फ मॉल की चमक में ना खो जाएं. शहर की गलियों में चलिए, थोड़ा घूमिए, थोड़ा खोइए, खूब देखिए और जहां मौका मिले वहां मोलभाव भी कीजिए. हो सकता है आपकी सबसे यादगार दिल्ली यात्रा किसी महंगे स्टोर में नहीं, बल्कि किसी छोटी-सी पुरानी दुकान से खरीदी गई चीज के साथ खत्म हो.
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